India-EU ट्रेड डील से क्‍या है डर? शराब बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट

भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्‍ताक्षर हो चुके हैं और इसके तहत कई चीजों पर टैरिफ कटौती की जाएगी, जिसमें पेय पदार्थ भी शामिल हैं. इस कारण भारतीय पेय कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को गिरावट आई है.

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शराब बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट. (Photo: Representative/ITG) शराब बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट. (Photo: Representative/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 27 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:11 PM IST

भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में कुछ पे कंपिनियों के शेयर तेजी से गिरे. शराब और बिना शराब वाले पेय कंपनियों के शेयरों में एक डर बना रहा, क्‍योंकि निवेशक इन कंपनियों को लेकर भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों का आकलन कर रहे थे. 

किन-किन शेयरों में आई गिरावट
करोबार के दौरान IFB एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर 5 प्रतिशत गिर गए, जबकि विंसोम ब्रुअरीज लिमिटेड के शेयर 5.04 प्रतिशत और फ्रेटेली वाइनयार्ड्स लिमिटेड के शेयर 4.64 प्रतिशत गिर गए. सुला वाइनयार्ड्स लिमिटेड के शेयर 3.40 प्रतिशत गिर गए. यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के शेयर 1.58 प्रतिशत, रेडिको खैतान लिमिटेड के शेयर 1.55 प्रतिशत और यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड के शेयर 1.38 प्रतिशत गिरकर बंद हुए. 

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नॉन-अल्‍कोहल पेय पदार्थों की कैटेगरी में ओरिएंट बेवरेजेज लिमिटेड के शेयरों में 3.16 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि वरुण बेवरेजेज लिमिटेड के शेयरों में 0.59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. 

ऑटो कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट
महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 4.25 फीसदी गिरकर 3,392.90 रुपये, हुंडई मोटर इंडिया के शेयर 3.60 फीसदी गिरकर 2,182 रुपये, मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर 1.50 फीसदी गिरकर 15,237 रुपये पर बंद हुए. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्‍हीकल के शेयर में भी 1.29% फीसदी की गिरावट देखने को मिली.

डील से भारतीय कंपनियों को क्‍या डर? 
इस बीच वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज की इक्विटी स्ट्रैटेजी निदेशक क्रांति बाथिनी ने कहा कि फिलहाल, भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते का शराब बनाने वाली कंपनियों पर निकट भविष्य में प्रभाव कम रहेगा, क्योंकि टैरिफ धीरे-धीरे करके कम किए जाएंगे, लेकिन आगे चलकर कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी. कुछ यूरोपीय कंपनियां भारत में अपना परिचालन शुरू कर सकती हैं, जो उपभोक्ताओं के लिए सकारात्‍मक होगा और उन्‍हें कम कीमत पर वाइन प्रोवाइड करा सकती हैं. इसके साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा कि पेय पदार्थों पर इसका असर ना के बराबर होगा. 

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जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दबाव को लेकर चिंताओं के कारण सत्र के दौरान पेय पदार्थों के शेयरों में गिरावट आई है. बता दें भारत और यूरोपीय संघ ने हाल ही में व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने डील पर मोहर लगा दी. 

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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