खुशखबरी... स्‍ट्रेज ऑफ होर्मुज से गुजरे भारत के जहाज, इन देशों से आई बड़ी खेप

भारत के लिए 2 तेल टैंकर 'स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज' से होकर गुजरे हैं. वहीं अब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से बात की है, जिसके बाद भारत को होर्मुज से तेल के जहाज लाने की अनुमति मिल चुकी है.

Advertisement
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे तेल टैंकर. (Photo: Getty) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे तेल टैंकर. (Photo: Getty)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 12 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:51 PM IST

पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच भारत के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की है, जिसके बाद खबर है कि ईरान ने भारतीय टैंकरों को स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है. 

इस बीच, मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में कहा गया है कि 'स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज' से तेल के दो बड़े टैंकर गुजरे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि 5 से 10 मार्च के बीच होर्मुज जलडमरूमध्‍य मार्ग बंद रहते हुए भी भारतीय तेल के दो बड़े जहाज यहां से गुजरे. इन जहाजों पर भारत के 3 मिलियन बैरल तेल थे, जो ईराक और अरब देश से आए. 

Advertisement

कहां से लोड़ हुए भारत के दो टैंकर
होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा एक जलमार्ग है जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है. सूत्रों ने बताया कि भारत आने वाले इन दो टैंकरों को अलग-अलग जगहों से लोड किया गया था. एक टैंकर को दक्षिणी इराक में स्थित अल-बसरा तेल टर्मिनल से लोड किया गया था, जबकि दूसरे को सऊदी अरब के पूर्वी तट से लोड किया गया था.

ईरान के विदेश मंत्री से हुई बात 
बुधवार को भारत आ रहे जहाज पर हमले की खबर आने के बाद, इंडिया टुडे के सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने केवल ईरान ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख शक्तियों के साथ भी तालमेल बिठाया है. उन्होंने रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव और फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो से भी इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा की. इन चर्चाओं का उद्देश्य समुद्री व्यापारिक मार्गों को खुला रखना और वैश्विक सप्लाई चेन को टूटने से बचाना था. साथ ही ईरान के विदेश मंत्री से भी बातचीत हुई है और होर्मुज मार्ग खुलने की अनुमति मिली है. 

Advertisement

भारत आ रहे जहाज पर हमला 
गौरतलब है कि बुधवार को भारत आ रहे थाईलैंड के ध्वज वाले एक मालवाहक पोत पर जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया गया. इस हमले के कारण जहाज पर आग लग गई और आपातकालीन बचाव अभियान शुरू करना पड़ा, जिससे ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया. वहीं सऊदी अरब ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दरकिनार करते हुए पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन का उपयोग करके अपने पश्चिमी तट के बंदरगाह यानबू पर माल ढुलाई बढ़ा दी है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement