डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को टैरिफ से डराने (Donald Trump Tariff Threat) के लिए कदम आगे बढ़ा दिया है. जिस तरह अमेरिकी राष्ट्रपति ने बीते साल रूस (Russia) के साथ कारोबार करने वाले देशों पर एक्स्ट्रा 25% का टैरिफ लागू किया था, तो वहीं अब ईरान के साथ ट्रेड करने पर 25 फीसदी का तत्काल टैरिफ लगाने का ऐलान (25% Tariff) किया है. इसका असर भारत, चीन समेत कई देशों पर देखने को मिल सकता है. हालांकि, एक्सपर्ट ट्रंप की इस नई टैरिफ धमकी के पीछे अलग ही कारण बता रहे हैं, उनका कहना है कि तेहरान (Tehran) में अमेरिका की कोशिश नाकाम होने के चलते ट्रंप ने टैरिफ अटैक किया है.
डोनाल्ड ट्रंप का ईरान प्लान नाकाम!
'द ग्रेट रीसेट' (The Great Reset) के लेखक और राजनीतिक विश्लेषक नवरूप सिंह ने मंगलवार को सोशल मीडिया मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट में दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर दुनिया पर किए गए नए टैरिफ अटैक से यह पुष्टि होती है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन (Iran Regime Change) के उनके प्रयास पूरी तरह से विफल रहे हैं.
नवरूप सिंह ने अपनी पोस्ट एक्स पोस्ट के जरिए यह भी संकेत दिया कि Donald Trump की टैरिफ को लेकर की गई हालिया टिप्पणियों में ईरान के भीतर के घटनाक्रमों से जुड़ा एक स्टारलिंक एंगल (Starlink Angle) भी है.
ईरान से कारोबार पर 25% Tariff की धमकी
बता दें कि ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को अमेरिका के साथ व्यापार पर 25% का टैरिफ देना होगा और ये तत्काल प्रभाव से लागू होगा. इस कदम से भारत (India), चीन (China) से लेकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत ईरान के कई प्रमुख व्यापारिक साझेदार देश प्रभावित हो सकते हैं.
भारत के लिहाज से देखें, तो अमेरिका ने पहले ही भारत पर 50% का हाई टैरिफ लगाया हुआ है, जो ग्लोबली उनकी सबसे ज्यादा टैरिफ कैटेगरी में आता है. रूस से तेल खरीद (Russian Oil Import) को मुद्दा बनाते हुए बीते साल अगस्त महीने में ट्रंप ने भारत पर लागू 25 फीसदी टैरिफ को दोगुना बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था.
रूस ने की मदद, Starlink जाम
एनालिस्ट नवरूप सिंह ने अपनी X पोस्ट में लिखा,'अचानक ट्रंप द्वारा किया गया टैरिफ ऐलान सीधे तौर पर इस बात की पुष्टि है कि तेहरान में सत्ता परिवर्तन विफल हो गया है और ईरान ने रूस की मदद से स्टारलिंक को सफलतापूर्वक जाम कर दिया, जिससे देश में जारी विरोध प्रदर्शनों को दबाने में कामयाबी हासिल हुई है.' रिपोर्ट्स की मानें, तो अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचलने का आरोप लगाया गया है और करीब 500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं.
देश में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के दौरान ईरान की सरकार ने बीते 8 जनवरी को ही लगभग पूरी तरह से इंटरनेट बैन कर दिया था, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक कई कई ईरानियों ने देश की तस्वीरों और वीडियोज को बाहरी दुनिया के साथ शेयर करने के लिए करने के लिए एलन मस्क के स्टारलिंक (Elon Musk Starlink) का सहारा लिया था.
आजतक बिजनेस डेस्क