मिडिल ईस्ट युद्ध (Middle East War) को लेकर ग्लोबल टेंशन कम होती नजर नहीं आ रही है. मंगलवार को अमेरिका-ईरान में दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान हुआ, तो लगा सब ठीक होने वाला है. इस खबर का असर भी देखने को मिला और बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट आई गई. होर्मुज खुलने की उम्मीद ने तेल की कीमतों में क्रैश ला दिया, लेकिन रात होते-होते सीजफायर टूटने की खबर आ गई और कच्चा तेल फिर से डराने लगा.
US-Iran Ceasefire उल्लंघन, इसके बाद ईरान के आरोप और ट्रंप की नई धमकी ने क्रूड ऑयल की कीमत में एक बार फिर आग लगा दी और इससे संकेत मिल रहा है कि टेंशन अभी खत्म नहीं होने वाली, बल्कि शायद कुछ बड़ा होने वाला है.
कच्चे तेल की कीमतों में फिर आग
अमेरिका और ईरान की युद्ध में सबसे ज्यादा ग्लोबल टेंशन तेल ने बढ़ाई थी. युद्ध के दौरान Crude Oil Price 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, लेकिन सीजफायर का ऐलान होने के बाद ये क्रैश हो गया था और बीते कारोबारी दिन बुधवार को अचानक गिरकर 95 डॉलर से भी नीचे कारोबार करता दिखा था.
तेल की कीमतों में गिरावट और होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुलने की उम्मीद ने राहत दी थी, लेकिन ये ज्यादा देर तक टिकी नहीं रही. सीजफायर टूटा तो ईरान, अमेरिका में फिर तनातनी शुरू हो गई. Hormuz Strait के खुलने पर भी सस्पेंस बन गया और इसका सीधा असर क्रूड की कीमतों पर दिखा.
खबर लिखे जाने तक गुरुवार को इंटरनेशनल मार्केट में Brent Crude Oil करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 100 डॉलर के करीब पहुंच गया, तो WTI Crude का प्राइस भी 5% उछल गया. Murban Crude Price 102 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
क्रूड के दबाव में टूटा बाजार!
US-Iran में सीजफायर होने के बाद कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरान ने लेबनान पर इजरायली हमलों के बाद एक बार फिर दुनिया की तेल जरूरतों को पूरा करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रूट होर्मुज को बंद कर दिया. तेहरान ने इन हमलों को सीजफायर का उल्लंघन बताया.
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और होर्मुज बंद होने का असर शेयर बाजारों पर भी दिखा. भारतीय शेयर बाजार समेत गुरुवार को एशियन मार्केट भरभराकर टूटे. भारत में सेंसेक्स 900 अंक गिरकर बंद हुआ. इसके साथ ही एक बार फिर से Oil-Gas Crisis गहराता नजर आने लगा है और साथ ही महंगाई का जोखिम बढ़ गया है.
ट्रंप की धमकी ने बढ़ा दी टेंशन
सीजफायर को लेकर व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने भी अलग ही दावा किया और कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान का 10 सूत्रीय प्रस्ताव कूड़ेदान में फेंक दिया है. इसके बाद एक दिन पहले ही जो डोनाल्ड ट्रंप सीजफायर पर बात करते दिख रहे थे, उनके तेवर अचानक फिर सख्त हो गए.
Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए ईरान को नई धमकी दे डाली. उन्होंने पोस्ट में लिखा,'अमेरिकी जहाज, एयरक्राफ्ट और मिलिट्री, एक्स्ट्रा हथियार और गोला-बारूद के साथ ईरान और उसके आसपास तैनात रहेंगे, जब तक कि वास्तविक समझौता पूरी तरह नहीं हो जाता.' इन बदलते हालातों ने ग्लोबल टेंशन को फिर से बढ़ाने का काम किया है.
आजतक बिजनेस डेस्क