बिहार की राजधानी पटना में नीट परीक्षा की तैयारी करने वाली छात्रा की मौत की गु्थी अब तक अनसुलझी है. छात्रा की मौत किन वजहों से हुई और उसके साथ दुष्कर्म के मामले की जांच एसआईटी कर रही है. एसआईटी ने बुधवार को हॉस्टल संचालक के बेटे समेत नौ लोगों का ब्लड सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए लिया है. ये सैंपल एसआईटी ने जांच के लिए भेज दिए हैं.
इस मामले में एसआईटी अब तक 25 लोगों का सैंपल ले चुकी है. जिनके सैंपल लिए गए हैं, उनमें छात्रा के माता-पिता, भाई, मामा और करीबी परिजन भी शामिल हैं. इसके अलावा बेउर जेल में बंद हॉस्टल बिल्डिंग के मालिक मनीष कुमार रंजन के साथ ही हॉस्टल आने-जाने वाले युवकों के भी सैंपल लिए गए हैं.
बताया जा रहा है कि जब तक किसी की डीएनए फ्रेमिंग छात्रा के कपड़े से मिले स्पर्म के डीएनए से नहीं होगी, तबतक ये गुत्थी नहीं सुलझेगी. सूत्रों के मुताबिक तीन संदिग्धों को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया है. पुलिस हेडक्वार्टर भी इस केस की हर दिन मॉनिटिंग कर रहा है.
इधर, छात्रा की मौत के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद चित्रगुप्त नगर थाने में पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. इस एक्ट के तहत केस दर्ज हो जाने के बाद एसआईटी हर एंगल से छानबीन करने में जुटी है. जांच में एसआईटी टेक्निकल एविडेंस भी खंगाल रही है.
यह भी पढ़ें: NEET छात्रा की मर्डर मिस्ट्री बरकरार, कपड़ों से स्पर्म मिलने के बाद लिए गए 25 लोगों के सैंपल
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी, छात्रा की एक महीने की ट्रैवल हिस्ट्री और डिजिटल हिस्ट्री ट्रैक कर जांच को आगे बढ़ा रही है. एसआईटी की ये जांच बीते 26 दिसंबर से लेकर जनवरी तक की डिजिटल हिस्ट्री पर फोकस्ड है. एसआईटी की जांच एफएसएल टीम की तरफ से लिए जा रहे संदिग्धों के ब्लड सैंपल की रिपोर्ट और उसके डीएनए मिलान पर टिकी है.
यह भी पढ़ें: यौन शोषण, पुलिस-डॉक्टरों की लापरवाही और सच दबाने की साजिश... NEET छात्रा की डेथ मिस्ट्री का पूरा सच
हालांकि, जो जानकारी निकल कर आ रही है, उसके मुताबिक डीएनए रिपोर्ट आने में अभी वक्त लगेगा. एसआईटी को अभी छात्रा की विसरा रिपोर्ट भी नहीं मिली है. एसआईटी को उम्मीद है कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद छात्रा की मौत की गुत्थी सुलझाने में मदद मिल सकेगी.
शशि भूषण कुमार