बिहार में नीट छात्रा मौत मामले को लेकर बिहार की सियासत तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनका उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा जवाब देते हुए राबड़ी देवी को “सबूत पेश करने की चुनौती” दे दी है.
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने दावा किया कि इस पूरे मामले में सत्ता पक्ष से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा, “मंत्री का बेटा या कोई मंत्री इसमें शामिल हो सकता है. मामले की लीपापोती की जा रही है और सिर्फ CBI को केस सौंप देने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती.”
राबड़ी देवी ने कहा कि नीट छात्रा मौत का मामला कई सवाल खड़े करता है और सरकार शुरू से ही स्थिति को छुपाने की कोशिश कर रही है.
सम्राट चौधरी का पलटवार
राबड़ी देवी के बयान के कुछ ही घंटों बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा, “राबड़ी देवी के पास यदि कोई सबूत है तो 24 घंटे के भीतर सरकार को दें. यदि किसी मंत्री का बेटा या कोई मंत्री इसमें शामिल पाया गया, तो 24 घंटे में कड़ी कार्रवाई होगी.”
उन्होंने आगे कहा, “हम बेटियों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी मजबूती से काम कर रहे हैं. राबड़ी देवी सबूत नहीं दे रही हैं, इसका मतलब है कि वे सच को छुपा रही हैं.”
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सम्राट चौधरी ने यह भी साफ किया कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसलिए सरकार ने चरणबद्ध तरीके से जांच आगे बढ़ाई है. पुलिस ने जांच की, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी. इसके बाद जब लगा कि और गहराई से जांच की जरूरत है, तब सरकार ने इसे CBI को सौंपा. सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है.
पीड़ित परिवार से मुलाकात
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा पीड़ित परिजनों से मिल चुके हैं. सरकार का दावा है कि दोषी कोई भी हो - “किसी को बख्शा नहीं जाएगा.”
राजनीतिक तापमान और बढ़ा
नीट छात्रा मौत का मामला अब केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील मुद्दा बन चुका है. एक तरफ राबड़ी देवी सत्ता पक्ष पर हमले तेज कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सम्राट चौधरी विपक्ष को चुनौती और जवाब दोनों दे रहे हैं.
CBI जांच शुरू होने के बाद अब नजरें आने वाले दिनों पर हैं. क्या एजेंसी नए तथ्य सामने लाएगी या मामला और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ेगा.
रोहित कुमार सिंह