वाह रे सरकार... खेत में पुल के बाद अब अस्पताल, 15 साल पहले बने इस हॉस्पिटल के बारे में विभाग को पता ही नहीं

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से अजीब मामला सामने आया है. जहां पर करोड़ों की लागत से 15 वर्ष पहले एक अस्पताल का निर्माण कराया गया. लेकिन इसका उद्घाटन नहीं किया गया. वहीं, अब यह भवन भूत बंगले में तब्दील हो गया है. सबसे बड़ी बात स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं पता है कि यहां कोई अस्पताल है.

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मुजफ्फरपुर में करोड़ों की लागत से बना अस्पताल अब भूत बंगले में हुआ तब्दील मुजफ्फरपुर में करोड़ों की लागत से बना अस्पताल अब भूत बंगले में हुआ तब्दील

मणिभूषण शर्मा

  • मुजफ्फरपुर,
  • 06 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:45 AM IST

बिहार के अररिया जिले में बीते दिनों खेत में पुल निर्माण की खबर खूब वायरल हुई थी. जहां के एक गांव के खेत में पुल का निर्माण तो कर दिया गया था, लेकिन पुल पर चढ़ने के रास्ते का ही नहीं पता था. वहीं, अब मुजफ्फरपुर में करोड़ों की लागत से खेत में बने अस्पताल का मामला सामने आया है. यह सरकारी अस्पताल उद्घाटन के बिना ही भूत बंगले में तब्दील हो गया और खंडहर बन गया.

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जानकारी के मुताबिक जिले के पारू प्रखंड के सरैया पंचायत चांद पूरा में 6 एकड़ के प्लॉट में बना 30 बेड का यह सरकारी अस्पताल आधुनिक उपकरण से लैस था. वर्ष 2015 से लेकर आज तक स्वास्थ्य विभाग ने इसे टेक ओवर ही नहीं किया. इस अस्पताल में आजतक एक भी मरीज का इलाज नहीं हुआ है. साथ ही इस अस्पताल की सबसे दिलचस्प बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग को भी इसके बारे में पता नहीं है.

खेत में बना हॉस्पिटल खंडहर में हुआ तब्दील

स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं है अस्पताल के बारे में जानकारी

15 वर्ष पूर्व यह सरकारी अस्पताल बनकर तैयार हुआ था. अब स्थिति यह है कि अस्पताल की खिड़की, चौखट, दरवाजे, ग्रिल, गेट, आलमारी, बिजली की वायरिंग सहित अन्य उपकरण चोर ले जा चुके हैं. अस्पताल अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है. 30 बेड के इस अस्पताल के कैंपस में ही स्वाथ्यकर्मियों का आवास और एक बिल्डिंग में जांच केंद्र तीन भवन बना था. लेकिन तीनों भवन आज खंडहर में तब्दील हैं. 

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डीएम ने जांच के लिए गठित की कमेटी

ग्रामीण सुधीर कुमार ने बताया यह बाढ़ प्रभावित इलाका है. यहां की आबादी करीब 1 लाख है. जब यह अस्पताल बन रहा था तो इसकी भव्यता देखकर आस पास के लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब बेहतर इलाज के लिए 50 किलोमीटर दूर शहर नहीं जाना होगा. लेकिन यह अस्पताल इतना भव्य बनने के बाद चालू ही नहीं हुआ. अस्पताल के आसपास काफी जंगल हो गया है. गांव वाले यहां आने से डरते हैं.

भूत बंगले में तब्दील हुआ अस्पताल

बाढ़ प्रभावित इलाका होने के कारण यहां के लोगों को इलाज के लिए शहर जाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता हैं. एसडीओ पश्चिमी ने बताया कि यह गंभीर मामला है. मुझे इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है. वर्तमान में जिलाधिकारी ने इसकी जांच किए टीम गठित की है. सिविल सर्जन और अन्य अधिकारी अपने स्तर से इसकी जांच कर रहे हैं. जांच के बाद ही आगे की जानकारी सामने आएगी.

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