VIDEO: दिव्यांग को थमा दी पंचर ट्राईसाइकिल, युवक ने बाइक से खींचकर पहुंचाया घर

मुजफ्फरपुर के बोचहां सहयोग शिविर में सरकारी लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां दिव्यांग सुरेंद्र कुमार को दी गई बैटरी चालित ट्राईसाइकिल कुछ ही देर में बंद हो गई और उसका चक्का भी पंचर निकला. युवक घंटों धूप में परेशान बैठा रहा, लेकिन अधिकारियों ने मदद नहीं की. बाद में एक स्थानीय युवक ने बाइक से गमछा बांधकर ट्राईसाइकिल को खींचते हुए उसे घर पहुंचाया.

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दिव्यांग को साइकिल समेत खींचकर घर ले जाता युवक. (Photo: Mani Bhushan Sharma/ITG ) दिव्यांग को साइकिल समेत खींचकर घर ले जाता युवक. (Photo: Mani Bhushan Sharma/ITG )

मणि भूषण शर्मा

  • मुजफ्फरपुर,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:06 PM IST

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर में सरकारी व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां एक दिव्यांग युवक को सरकारी योजना के तहत बैटरी चालित ट्राईसाइकिल तो दे दी गई, लेकिन वह कुछ ही देर में बंद हो गई. इतना ही नहीं, ट्राईसाइकिल का चक्का भी पंचर निकला.इसके बाद दिव्यांग युवक घंटों तेज धूप में परेशान बैठा रहा, जबकि मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने उसकी कोई सुध नहीं ली. अब इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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धूप में बैठा रहा दिव्यांग, अधिकारियों ने एक न सुनी
जानकारी के मुताबिक बोचहां प्रखंड की नरमा पंचायत स्थित रामप्यारी उच्च विद्यालय परिसर में मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था. शिविर में दिव्यांगजनों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा था. इसी दौरान धनुषी गांव निवासी दिव्यांग सुरेंद्र कुमार को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल सौंपी गई. ट्राईसाइकिल मिलने के बाद सुरेंद्र कुमार काफी खुश नजर आए और अधिकारियों के साथ फोटो भी खिंचवाई गई.

हालांकि, कुछ ही देर बाद उनकी खुशी मायूसी में बदल गई. जब उन्होंने ट्राईसाइकिल चालू करने की कोशिश की तो वह स्टार्ट ही नहीं हुई. बाद में पता चला कि ट्राईसाइकिल का चक्का भी पंचर है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्राईसाइकिल पूरी तरह खराब हालत में थी और उसे चलाना संभव नहीं था. इसके बाद सुरेंद्र कुमार तपती धूप में घंटों वहीं बैठे रहे, लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी ने उनकी मदद करना जरूरी नहीं समझा।

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पीड़ित सुरेंद्र कुमार ने कहा कि वह बड़ी उम्मीद के साथ शिविर में आए थे. उन्हें लगा था कि सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता से उनकी जिंदगी आसान होगी, लेकिन उन्हें खराब ट्राईसाइकिल थमा दी गई. उन्होंने कहा कि अगर एक स्थानीय युवक मदद नहीं करता तो उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती.

वीडियो से उठ रहे हैं सवाल
इसी बीच एक युवक ने इंसानियत की मिसाल पेश की. उसने अपनी बाइक के पीछे लाल गमछा बांधकर खराब ट्राईसाइकिल को उससे जोड़ा और धीरे-धीरे खींचते हुए सुरेंद्र कुमार को उनके घर तक पहुंचाया. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा. मौके पर मौजूद लोगों ने युवक की सराहना की और सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए.

मामले को लेकर बोचहां की बीडीओ प्रिया कुमारी ने कहा कि ट्राईसाइकिलें उसी दिन जिला मुख्यालय से लाई गई थीं. संभव है कि परिवहन के दौरान तकनीकी खराबी आ गई हो.उन्होंने बताया कि कुछ ट्राईसाइकिलों में पंचर की शिकायत भी सामने आई है, जिन्हें ठीक कराया जा रहा है. बीडीओ ने आश्वासन दिया कि खराब ट्राईसाइकिल को जल्द मैकेनिक से ठीक कराकर लाभुक को सौंप दिया जाएगा.

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