मुंगेर जिले के तारापुर इलाके के लखनपुर गांव के लिए यह दिन बेहद खास रहा. गांव के रहने वाले सम्राट चौधरी अब बिहार के मुख्यमंत्री बन चुके हैं. गांव और परिवार में उन्हें बचपन से गुल्लू के नाम से जाना जाता था. परिवार ने बाद में उनका नाम राकेश कुमार रखा, लेकिन समय के साथ वो सम्राट चौधरी के नाम से पहचान बनाने लगे. अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके गांव में उत्साह का माहौल है और लोग इसे अपने लिए गर्व की बात मान रहे हैं.
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके गृह क्षेत्र तारापुर और खासकर लखनपुर गांव में खुशी की लहर देखी जा रही है. हालांकि उनका पूरा परिवार फिलहाल पटना में रहता है, लेकिन इसके बावजूद गांव में लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ. उनके घर पर पुलिस का पहरा है, लेकिन परिवार के सदस्य मौजूद नहीं होने के बावजूद पड़ोसी और ग्रामीणों ने इस मौके को जश्न के रूप में मनाया. जैसे ही शपथ लेने की खबर आई, गांव में पटाखे फोड़े गए और लोगों ने खुशी जाहिर की.
शपथ के बाद गांव में जश्न, पटाखों से मनाई खुशी
परिवार के सदस्यों ने भी अपनी खुशी खुलकर जाहिर की. रिश्ते में पोते साहिल कुमार ने कहा कि उन्हें अपने दादाजी पर पूरा भरोसा है. उनका कहना है कि जिस तरह से सम्राट चौधरी हमेशा युवाओं के बारे में सोचते रहे हैं, उससे यह उम्मीद मजबूत होती है कि अब बिहार में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. साहिल कुमार ने यह भी कहा कि इससे बिहार के युवाओं का पलायन रुक सकता है, जो लंबे समय से एक बड़ी समस्या बनी हुई है.
सम्राट चौधरी की चचेरी बहन नीतू देवी ने कहा कि यह पूरे परिवार और गांव के लिए गर्व का समय है. उन्होंने बताया कि बचपन में वे सभी उन्हें गुल्लू कहकर बुलाते थे और आज वही गुल्लू बिहार का मुख्यमंत्री बन गया है. नीतू देवी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सम्राट चौधरी अपने स्वभाव के अनुसार ही काम करेंगे और राज्य को आगे बढ़ाएंगे.
भतीजी आंचल सिंह ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके चाचा हमेशा से ही सरल और मिलनसार स्वभाव के रहे हैं. जब भी वो गांव आते थे, तो हर किसी से मिलते थे और हालचाल लेते थे. उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे उसी तरह लोगों से जुड़े रहेंगे और राज्य के विकास के लिए काम करेंगे.
परिवार की उम्मीदें, विकास और बेहतर बिहार की आस
वहीं बहू प्रीति कुमारी ने कहा कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से परिवार को बहुत खुशी है. उन्होंने खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. उनका कहना है कि बिहार में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और अपराध की घटनाएं होती रहती हैं. ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि सम्राट चौधरी इन मामलों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे, ताकि महिलाएं और बच्चियां बिना डर के घर से बाहर निकल सकें.
गांव की महिलाओं ने भी यही उम्मीद जताई कि अब राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे. उनका मानना है कि एक जिम्मेदार पद पर पहुंचने के बाद सम्राट चौधरी महिलाओं के लिए बेहतर माहौल बनाने की दिशा में काम करेंगे. गांव के अन्य ग्रामीणों ने भी अपनी खुशी साझा की. उनका कहना है कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उनके गांव का एक व्यक्ति अब पूरे बिहार का मुख्यमंत्री बन गया है.
ग्रामीणों ने बताया कि सम्राट चौधरी जब भी गांव आते थे, तो सभी से मिलते थे और उनकी समस्याएं सुनते थे. उनके व्यवहार की सादगी और लोगों से जुड़ाव ही उन्हें खास बनाता है. एक युवा ग्रामीण रूपेश कुमार ने कहा कि सम्राट चौधरी हमेशा युवाओं को पढ़ाई और नौकरी के लिए प्रेरित करते थे. उनका कहना है कि अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनसे उम्मीद है कि वे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे. साथ ही उन्होंने परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक जैसी समस्याओं पर रोक लगाने की भी मांग की.
महिलाओं ने उठाई सुरक्षा की मांग, सख्त कार्रवाई की उम्मीद
रंजन कुमार ठाकुर, जो गांव के एक अन्य निवासी हैं, उन्होंने भी कहा कि सम्राट चौधरी का स्वभाव बहुत अच्छा है और वो लोगों के मिलजुल कर रहते हैं. उनका मानना है कि उनके मुख्यमंत्री बनने से अब तारापुर और आसपास के इलाकों में विकास की गति तेज होगी. गांव के लोगों को उम्मीद है कि सम्राट चौधरी अपने गृह क्षेत्र को विशेष ध्यान देंगे और यहां बुनियादी सुविधाओं का विकास करेंगे.
सड़कों, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद की जा रही है. ग्रामीणों का मानना है कि अब उनके क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी और विकास के नए रास्ते खुलेंगे. इस पूरे घटनाक्रम ने लखनपुर गांव को चर्चा में ला दिया है. जहां पहले यह एक साधारण गांव था, वहीं अब यह राज्य की राजनीति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थान बन गया है. गांव के लोग इसे अपनी उपलब्धि मान रहे हैं और भविष्य को लेकर काफी उम्मीदें जता रहे हैं.
कृष्ण गोविंद कंसवाल