बिहार में यूं तो आधिकारिक तौर पर शराबबंदी है, लेकिन वहां अब भी लोग जहरीली शराब से दम तोड़ रहे हैं. ताजा मामला मोतिहारी जिले का है, जहां जहरीली शराब पीने से अबतक चार लोगों की मौत हो चुकी है. सात लोग अस्पताल में भर्ती है.
चौंका देने वाली बात यह है कि इनमें से कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है. दो को दूसरे अस्पातलों में रेफर किया गया है. एसपी स्वर्ण प्रभात ने चार लोगों के मौत की पुश्टि की है. उन्होंने कहा कि सात लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
एसपी ने बताया कि इस मामले में चौकीदार भरत राय और मुख्य आरोपी नागा राय को उनके परिवार की महिलाओं के साथ गिरफ्तार किया गया है. तुरकौलिया प्रभारी उमाशंकर मांझी पर भी एक्शन लेते हुए उन्हें निलंबित किया जा चुका है. आगे की कार्रवाई की जा रही है.
ये बोले मृतक के परिजन
मृतकों में स्थानीय युवक चंदू भी शामिल है. बताया गया कि उसका आनन-फानन में दाह संस्कार भी कर दिया गया. वहीं अस्पताल में भर्ती लोहा ठाकुर व उसके परिजनों ने आजतक को बताया कि उसने मंगलवार रात स्प्रिट वाली शराब पी थी. तभी से उसकी तबीयत खराब है और उसकी आंखों की रोशनी चली गई.
चंदू के भतीजे ने कहा कि जब से शराबबंदी हुई है, तब से इलाके में सैकड़ों जगह अवैध शराब का धंधा चल रहा है. इलाज कर रहे डॉक्टरों ने इसे जहरीली शराब के लक्षण बताते हुए मरीजों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की बात कही है.
बता दें कि तीन वर्ष पहले भी मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 45 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी. इसके बावजूद इस तरह की घटना का दोबारा सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
रोहतास में 5 लोगों की मौत से मचा था हड़कंप
इससे पहले इसी साल फरवरी में रोहतास में अलग-अलग गांव के कुल पांच लोगों की संदिग्ध मौत हड़कंप मच गया था. कहा गया कि ये लोग एक तिलक समारोह से लौटे थे. इसके बाद इनकी तबीयत बिगड़ गई और एक-एक करके सभी ने दम तोड़ दिया.
स्थानीय लोगों ने इन मौतों के पीछे जहरीली शराब, किडनी फेल या कुत्ता काटने जैसी अलग-अलग वजहें बताई थी. रोहतास पुलिस प्रशासन ने इस मामले में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया था.
सचिन पांडेय