बिहार में मंत्रिमंडल का पुनर्गठन हुआ है. 7 मई को नए मंत्री शामिल किए गए. लेकिन एक रिपोर्ट आई है जो चिंताजनक है. रिपोर्ट के अनुसार बिहार के लगभग आधे मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. कुछ के तो गंभीर अपराध के आरोप हैं. दूसरी तरफ 90 फीसदी मंत्री करोड़पति हैं.
रिपोर्ट ने ये भी दिखाया कि मंत्रिमंडल में महिलाओं की संख्या बेहद कम है. सिर्फ 5 महिला मंत्री हैं. ये सब आंकड़े बताते हैं कि राजनीति में किस तरह के लोग हैं.
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच ने ये रिपोर्ट बनाई है. ये दोनों संस्थाएं राजनेताओं के बारे में सच्ची जानकारी लोगों को बताती हैं. रिपोर्ट में 31 मंत्रियों का विश्लेषण किया गया. चार मंत्रियों का विश्लेषण नहीं हो सका क्योंकि वो किसी कारण से अलग थे.
आपराधिक मामलों के बारे में
15 मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. ये 48 फीसदी है यानी लगभग आधे. इसमें से 9 मंत्रियों के खिलाफ गंभीर अपराधों के आरोप हैं. गंभीर अपराध मतलब बड़े अपराध. जैसे भ्रष्टाचार, हिंसा, गबन आदि.
कुछ मंत्रियों का डेटा नहीं मिला क्यों?
दो मंत्रियों अशोक चौधरी और प्रमोद कुमार के विवरण नहीं हैं क्योंकि वो विधान परिषद के सदस्य हैं. उन्होंने आवेदन नहीं दिया. दो और मंत्रियों के विवरण नहीं हैं क्योंकि वो अभी विधानसभा के सदस्य नहीं हैं.
अमीरी के बारे में क्या पता चला?
31 मंत्रियों में से 28 करोड़पति हैं. इन 28 मंत्रियों की औसत संपत्ति 6.32 करोड़ है. यानी एक मंत्री के पास औसतन इतना पैसा है. सबसे अमीर मंत्री है रमा निषाद. उनके पास 31.86 करोड़ की संपत्ति है. सबसे कम संपत्ति है संजय कुमार के पास. उनके पास 22.30 लाख.
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शिक्षा के बारे में क्या पता चला?
8 मंत्रियों की शिक्षा 10वीं से 12वीं के बीच है. 22 मंत्री ग्रेजुएट हैं या उससे ऊपर की शिक्षा रखते हैं. यानी उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई की है. एक मंत्री के पास डिप्लोमा है.
उम्र और महिलाओं के बारे में क्या जानकारी मिली?
6 मंत्री 30 से 50 साल के बीच हैं. 25 मंत्री 51 से 80 साल के बीच हैं. 35 मंत्रियों में से सिर्फ 5 महिलाएं हैं. यानी 14 फीसदी. ये बेहद कम है. 86 फीसदी मंत्री पुरुष हैं.
इनपुट: ANI
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