बिहार में सीएम हाउस का नाम होगा 'लोक सेवक आवास', मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का फैसला

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने आधिकारिक आवास का नाम बदलकर ‘लोक सेवक आवास’ कर दिया है. साथ ही, 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास का दायरा बढ़ाते हुए 5 देशरत्न मार्ग को भी इसमें शामिल किया जा रहा है.

Advertisement
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने पटना के 1 अणे मार्ग स्थित अपने आधिकारिक आवास का नाम 'लोक सेवक आवास' रखा. (Photo: PTI) बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने पटना के 1 अणे मार्ग स्थित अपने आधिकारिक आवास का नाम 'लोक सेवक आवास' रखा. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • पटना,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:42 PM IST

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक अहम फैसले के तहत पटना में सीएम आवास का नाम बदलकर ‘लोक सेवक आवास’ करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. इस फैसले को सरकार की कार्यशैली और जनता से जुड़ाव के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं को ‘जनसेवक’ के रूप में स्थापित करने का संदेश देना चाहते हैं.

Advertisement

सम्राट चौधरी हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं और वो राज्य में भारतीय जनता पार्टी के पहले ऐसे नेता हैं, जो इस पद पर आसीन हुए हैं. उन्होंने कुछ दिन पहले ही राजधानी पटना के 1, अणे मार्ग स्थित सरकारी बंगले में प्रवेश किया है, जो दशकों से बिहार के मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास रहा है. उनसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बंगले में रह रहे थ्रे और उन्होंने हाल ही में इसे खाली किया था.

यह बंगला जिस सड़क पर स्थित है, उसका नाम स्वतंत्रता के बाद बिहार के दूसरे राज्यपाल रहे माधव श्रीहरि अणे के नाम पर रखा गया है. अब इस ऐतिहासिक आवास को ‘लोक सेवक आवास’ नाम दिए जाने से एक नया राजनीतिक और प्रतीकात्मक संदेश सामने आया है. इसी के साथ मुख्यमंत्री आवास के दायरे को भी बढ़ाने का फैसला किया गया है. जानकारी के मुताबिक, 5 देशरत्न मार्ग स्थित आवास को भी अब मुख्यमंत्री आवास परिसर का हिस्सा बनाया जा रहा है. 

Advertisement

यह आवास पहले उपमुख्यमंत्री के लिए निर्धारित था और वर्तमान में सम्राट चौधरी को ही आवंटित है. सरकार ने दोनों आवासों को आपस में जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिससे प्रशासनिक कामकाज में सुगमता और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सक. इस कदम को मुख्यमंत्री के कामकाज को केंद्रीकृत और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement