नई कैबिनेट बनाने से पहले दिल्ली में सम्राट, विजय सिन्हा पर सस्पेंस, नए चेहरों को मिल सकता है मौका

बिहार की सत्ता की कमान संभालने और नई कैबिनेट बनाने से पहले सम्राट चौधरी दिल्ली के दौरे पर है. इस दौरान माना जा रहा है कि बीजेपी नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और अपनी नई टीम के गठन की इबारत लिखेंगे. हालांकि, विजय कुमार सिन्हा के मंत्री बनने पर सस्पेंस बना हुआ है, लेकिन नए चेहरे को मौका मिल सकता है?

Advertisement
सम्राट चौधरी की कैबिनेट में विजय कुमार सिन्हा को मिलेगी जगह (Photo-ITG) सम्राट चौधरी की कैबिनेट में विजय कुमार सिन्हा को मिलेगी जगह (Photo-ITG)

शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 21 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:16 PM IST

बिहार के सियासी इतिहास में पहली बार बीजेपी अपना मुख्यमंत्री बनाने के बाद अब सरकार से संगठन तक में बड़े बदलाव की तैयारी की है. सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार दिल्ली के दौरे पर जा रहे हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सीएम सम्राट मुलाकात कर सकते हैं. 

सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे को बिहार कैबिनेट विस्तार से भी जोड़कर देखा जा रहा है. नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद सम्राट चौधरी सीएम और जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव डिप्टीसीएम बने हैं. 

Advertisement

बिहार में बीजेपी के नेतृत्व में बनी एनडीए सरकार में सीएम और दो डिप्टीसीएम है. इसके अलावा किसी भी नेता को अभी बिहार के मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई है. ऐसे में सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे को बिहार के लिहाज से बहुत अहम माना जा रहा है? 

मोदी-शाह से सम्राट के मुलाकात के मायने
बिहार में पहली बार बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनी है, जिसकी कमान सीएम सम्राट चौधरी के हाथों में है. बीजेपी के लिए बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हुई है. नीतीश कुमार के इस्तीफे और एनडीए की नई सरकार बनी. अब सरकार की बागडोर बीजेपी के पास है.मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात कर सकते हैं. 

पीएम मोदी से सम्राट मिलेंगे, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके शपथ ग्रहण में नहीं पहुंच सके थे. ये शिष्टाचार मुलाकात होगी. ये शिष्टाचार मुलाकात होगी. इसके बाद वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं. माना जा रहा है कि इस दौरे का मुख्य एजेंडा बिहार में आगामी कैबिनेट विस्तार की रूपरेखा तय करना है, ताकि राज्य प्रशासन को सुचारू रूप से गति दी जा सके. 

Advertisement

कैबिनेट विस्तार की लिखी जाएगी इबारत
बिहार में सीएम सम्राट चौधरी के अलावा बीजेपी कोटे से कोई भी विधायक मंत्री नहीं बना है. जेडीयू कोटे से बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी डिप्टीसीएम बने हैं. ऐसे में बिहार कैबिनेट में पूरा का पूरा मंत्री पद खाली है. बिहार में अभी भी 33 मंत्री बनाए जा सकते हैं. माना जा रहा है कि सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे पर बीजेपी शीर्ष से मुलाकात के दौरान बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार पर भी चर्चा कर सकते हैं. 

सम्राट चौधरी की बीजेपी शीर्ष नेतृत्व से होने वाली मुलाकात बले ही शिष्टाचार मुलाकात होगी, लेकिन बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम और भविष्य की योजनाओं पर बात हो सकती है. राज्य में पहली बार भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के मुखिया के रूप में सम्राट चौधरी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. ऐसे में अमित शाह के साथ होने वाली मुलाकात में सम्राट चौधरी भाजपा कोटे के संभावित मंत्रियों के नामों पर मुहर राय ले सकते हैं? 

मई में होगा बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार
बिहार में नई सरकार का कैबिनेट विस्तार होना है. पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कैबिनेट विस्तार होने को संभावना. इस तरह से पांच राज्यों के चुनाव नतीजे 4 मई को घोषित हो जाएंगे और उसके बाद सरकार गठन में पांच से छह दिन लग सकते हैं. 

Advertisement

माना जा रहा है कि इसके बाद ही बिहार में सम्राट चौधरी के अगुवाई वाली सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है, जो मई के दूसरे सप्ताह तक संभव है. ऐसे में सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरे का उद्देश्य न केवल शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करना है, बल्कि बेहतर समन्वय स्थापित करना भी है. बिहार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल में किन चेहरों को शामिल करते हैं.


कैबिनेट से समीकरण साधने का प्लान
बिहार कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिसमें सीएम और दोनों डिप्टीसीएम के बाद 33 मंत्री पद खाली है.  माना जा रहा है कि बिहार में होने वाले संभावित कैबिनेट विस्तार में जातीय समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखा जाएगा. सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से बिहार बीजेपी में उत्साह का माहौल बना हुआ है, लेकिन पार्टी के लिए माहौल के साथ अपने सियासी समीकरण को भी बनाए रखने की चुनौती है. 

सूत्रों की माने तो बिहार की नई सरकार में अनुभवी चेहरों के साथ नए चेहरों को सम्राट चौधरी जगह दे सकते हैं. बिहार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल में किन चेहरों को शामिल करते हैं. इस तरह बिहार में बीजेपी जेनरेशन चेंज की मजबूत दांव कैबिनेट के जरिए खेल सकती है?

Advertisement

विजय सिन्हा के मंत्री बनने पर सस्पेंस 
पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. नीतीश कुमार सरकार में विजय सिन्हा 2024 में पहली बार डिप्टीसीएम बने थे और उसके बाद 2025 में भी डिप्टीसीएम बने थे, लेकिन 2026 में बीजेपी ने उनके सहयोगी सम्राट चौधरी का प्रमोशन करके मुख्यमंत्री बन दिया है, लेकिन विजय कुमार सिन्हा पर सस्पेंस बना हुआ है. 

विजय सिन्हा से सोमवार को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुलाकात की थी. इसके पहले बीजेपी के सीनियर लीडर और सांसद राधामोहन सिंह भी विजय सिन्हा से मिल चुके हैं.बिहार के सियासी गलियारे में विजय सिन्हा की नाराजगी की भी खबरें हैं.

सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता बनाए जाने का प्रस्ताव करने के बाद विजय कुमार सिन्हा ने कहा था कि अपने कमांडर के आदेश और गठबंधन धर्म के कारण हमने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव किया था. ये भी चर्चा रही कि विजय सिन्हा मंत्री बनने को तैयार नहीं थे, जिसके कारण 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जेडीयू से केवल दो डिप्टी सीएम को शपथ दिलाई गई. 24 अप्रैल के दिन सम्राट सरकार को बिहार विधानसभा में विश्वासमत हासिल करना है

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement