खत्म हो रहा GST छूट का असर! क्या महंगी होने वाली हैं गाड़ियां, फिर बढ़ सकती हैं कीमतें

पिछले कुछ वक्त में कई कंपनियों ने अपनी कारों की कीमत बढ़ाई है. कारों की कीमत हर साल बढ़ती है, लेकिन 2026 में ये बार-बार हो रहा है. यानी कंपनियां लगातार अपने विभिन्न मॉडल्स की कीमतों को बढ़ा रही है. सवाल है कि इसकी वजह क्या है. यानी ऑटोमेकर्स बार-बार गाड़ियों की कीमतें क्यों बढ़ा रहे हैं. आइए जानते हैं इसकी वजह क्या है और कंपनियों के सामने चुनौती क्या है.

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महिंद्रा ने मई महीने में अपनी बोलेरो की कीमतों को बढ़ाया है. (Photo - Mahindra) महिंद्रा ने मई महीने में अपनी बोलेरो की कीमतों को बढ़ाया है. (Photo - Mahindra)

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:15 AM IST

भारतीय बाजार में पिछले कुछ वक्त से अलग-अलग कार कंपनियों ने अपने अलग-अलग मॉडल्स की कीमतों में इजाफा किया है. वैसे ऑटोमेकर्स हर साल अपने मॉडल्स की कीमतों में इजाफा करते हैं. लेकिन ये बढ़ोतरी साल की शुरुआत में और कई बार नए वित्तवर्ष के शुरू होने पर होती है. 

हालांकि, अब कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला तेज हो गया है. ऐसे में कई लोगों का सवाल है कि बार-बार गाड़ियों की कीमतें बढ़ रही हैं. जल्द ही हमें गाड़ियों की दाम में एक और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इसकी वजह कमोडिटी कॉस्ट बढ़ना, सप्लाई चेन डिस्ट्रीब्यूशन और जियो पॉलिटिक्स तनाव का बढ़ना है. 

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GST 2.0 के बाद कम हुई थी कीमतें

सितंबर 2025 में जीएसटी रिफॉर्म होने के बाद गाड़ियों की डिमांड बढ़ी थी, लेकिन इंडस्ट्री में चल रही चुनौतियों की वजह से मार्जिन पर असर पड़ रहा है. ऑटोकार की रिपोर्ट के मुताबिक, हुंडई मोटर्स ने बताया है कि कमोडिटी की कीमतें बढ़ने से पिछले कवार्टर में मार्जिन से लगभग 120 बेसिक पॉइंट कम कर दिए हैं, हालांकि इसका कुछ प्रभाव एक बार का था.

ऑटोमेकर को उम्मीद है कि इस वित्तवर्ष गाड़ियों की मांग बढ़ेगी. कंपनी को 8 से 10 परसेंट घरेलू मांग बढ़ने की उम्मीद है. बढ़ती कीमतों की स्थिति सिर्फ हुंडई के साथ ही नहीं है. बल्कि दूसरी कंपनियों के साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है. महिंद्रा ने हाल में ही बोलेरो के विभिन्न मॉडल्स की कीमतों को बढ़ाया है. 

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कंपनी ने अप्रैल में अपनी कई एसयूवी की कीमतों को 2.5 फीसदी तक बढ़ाया था. सिर्फ गाड़ियों की कीमतों में ही इजाफा नहीं किया गया है बल्कि ट्रैक्टरों की कीमत भी बढ़ाई गई है. इन सभी बढ़ोतरी की वजह बढ़ते इनपुट कॉस्ट को बताया गया है. कंपनी का कहना है कि कमोडिटी कॉस्ट बढ़ने से मैन्युफैक्चरिंग की लागत भी बढ़ रही है. 

छोटी कारें भी हो सकती हैं महंगी

कंपनियां सप्लाई चेन की फ्लेक्सिबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए लोकलाइजेशन पर जोर दे रही हैं. इसके अलावा किसी एक सोर्स पर अपनी निर्भरता को कम कर रही हैं. साथ ही जरूरी पार्ट्स की इन्वेंटरी भी बढ़ा रही हैं. 

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मारुति सुजुकी के सामने भी ऐसी ही चुनौती है. कंपनी की छोटी कारों की मांग बढ़ी है, जिससे मार्केट में उनकी स्थिति मजबूत हो रही है. इसकी एक बड़ी वजह पिछले साल जीएसटी बदलाव के बाद कंपनी का छोटी गाड़ियों को सस्ता करना है. जीएसटी बदलाव के बाद हैचबैक और एंट्री लेवल कारों की मांग बढ़ी है.

अप्रैल में इनकी ग्रोथ पिछले साल के मुकाबले 75 फीसदी तक बढ़ी है. कंपनी का मानना है कि बढ़ती कीमतों की वजह से जल्द ही उनकी गाड़ियां भी महंगी हो सकती हैं. इससे पहली बार कार खरीदने वालों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं.

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बार-बार महंगी हो रही गाड़ियां

टोयोटा ने इस साल अपने फॉर्च्यूनर की कीमतों में कई बार इजाफा किया है. कंपनी ने साल 2026 में अब तक तीन बार इस कार की कीमतों बढ़ाया है. पहली बार कंपनी फॉर्च्यूनर की कीमत जनवरी में बढ़ाई गई थी. उस वक्त कंपनी ने 74 हजार रुपये का इजाफा किया था. 

वहीं अप्रैल में दूसरी बार कीमतें बढ़ाई गई और अप्रैल में इजाफा 69 हजार रुपये तक का हुआ था. एक महीने बाद ही यानी मई 2026 में कंपनी ने इस कार की कीमत को एक बार फिर बढ़ा दिया है. टोयोटा ने इस बार फॉर्च्यूनर की कीमत 87 हजार रुपये तक बढ़ाई है.

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