हनुमान जयंती पर सिनेमा की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'रामायणम्' का पहला टीजर आ चुका है. प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा की 4000 करोड़ रुपये की लागत में बन रही इस फिल्म का ऑडियंस को बेसब्री से इंतजार है.
गुरुवार को जब फिल्म की पहली झलक दिखाई दी तो इसने फैंस और ऑडियंस को एक्साइटेड कर दिया, लेकिन थोड़ी ही देर बाद इस टीजर को लेकर मिली-जुली सी प्रतिक्रिया देखने को मिली. टीजर की शुरुआत में एक राक्षस की सीन दिखाया गया, जिससे लोगों को सीधे 'आदिपुरुष' की याद आ गई. क्योंकि टीजर में दो जगहों पर क्लियर तरीके दैत्य या असुर या राक्षस दिखाए गए हैं, लेकिन दोनों ही रियल करैक्टर नहीं लगते बल्कि ग्राफिक्स से बनाए हुए लगते हैं और वीडियो गेम जैसा फील देते हैं. ये लोगों को थोड़ा निराश करता है और नेटिजंस सोशल मीडिया पर इस बारे में बात कर रहे हैं.
फिर अगली बात आती है श्रीराम के लुक की. रणबीर कपूर श्रीराम के कैरेक्टर में नजर आ रहे हैं, लेकिन उनका लुक भी चर्चा और बातचीत का मुद्दा बना हुआ है. कारण है, उनके और श्रीराम के बताए गए लुक का बेमेल होना.
श्रीराम कैसे दिखते थे, क्या कहते हैं ग्रंथ?
असल में पुराणों, रामकथाओं के अलग-अलग संस्करणों में इस तरह का जिक्र आता है कि श्रीराम भी श्रीकृष्ण की तरह ही हल्के सांवले रंग के थे. उनका रंग नीलमेघश्याम बताया गया है. रामचरित मानस में भी उन्हें कई जगहों पर सांवले रंग का बताया गया है. जब राम-लक्ष्मण विश्वामित्र ऋषि के साथ मिथिला पहुंचते हैं तो उन्हें देखने के लिए बाजार में भीड़ उमड़ पड़ती है. सब ओर उनकी ही चर्चा होती है.
ऐसे में जब एक महिला सब लोगों को उनके रूप का बखान करते हुए उनका परिचय बताती है तो कहती है कि जो श्याम रंग के, कमल की पंखुड़ियों जैसी आंखों वाले हैं वह कौशल्या रानी के बेटे श्रीराम हैं. उनके पीछे गोरे रंग का जो किशोर चल रहा है, जिसके हाथ में तीर-धनुष है, वही लक्ष्मण है, जिनकी मां का नाम सुमित्रा है.
स्याम गात कलकंज विलोचन, जो मारीच सुभुद मधुमोचन
कोसल्या सुत सो सुख खानी, नाम रामु धनु सायक पानी।।
गौर किसोर वेषु वर काछे, कर सर चाप राम के पाछे,
लक्षिमनु नाम रामु लघु भ्राता, सुनु साखु तासु सुमित्रा माता।।
वहीं, जब राम और लक्ष्मण जनक जी की वाटिका में फूल तोड़ने जाते हैं और उधर से सीता जी की सहेलियां उन्हें देखती हैं. तब के प्रसंग में संत तुलसी ने श्रीराम को सांवले और लक्ष्मण को गौर वर्ण यानी गोरा बताया है.
लता ओट तब सखिन्ह लखाए, स्यामल गौर किसोर सुहाए
(यानी लताओं की झुरमुट के पीछे से सखियों ने सीता जी को दिखाया, उन्होंने देखा कि सांवले और गोरे दो किशोर बड़े सुंदर लग रहे हैं.)
बल्कि वाल्मीकि रामायण में भी श्रीराम का रंग सांवला ही बताया गया है. उनके सांवले रंग की तुलना भी अलग-अलग रंग से की गई है. किसी जगह उन्हें जल से भरे काले-सफेद बादलों के रंग का बताया गया है. यानी उनकी त्वचा का रंग गहरा है. कहीं उन्हें नीलकमल की पखुंड़ियों के रंगों का बताया गया है. अरण्यकांड के एक श्लोक में महर्षि वाल्मीकि लिखते हैं
रामं पद्मपत्राक्षं श्यामं पद्ममिवाननम्।
यानी श्रीराम कमल की पंखुड़ियों जैसी गहरी आंखों वाले, उसकी नीलकमल के श्यामल रंगों के समान हैं.
वहीं श्रीराम की भुजाएं घुटने तक हैं, इसिलिए उन्हें आजानुबाहु कहा जाता था. श्रीराम स्तुति में इसका जिक्र मिलता है.
सिर मुकुट कुंडल तिलक
चारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर
संग्राम जित खरदूषणं ॥॥
ऐसे में फिल्म में रणबीर कपूर का श्रीराम के रूप में जो लुक है वो भी चर्चा में है.
पुष्पक विमान को देखकर खुश हुए फैंस
इस पूरे टीजर में फैंस के लिए जो सबसे अधिक फैसिनेटिंग है, वो है पुष्पक विमान. फिल्म में पुष्पक विमान की अच्छी डीटेलिंग देखने को मिलेगी. टीजर में पुष्पक विमान को फूल की तरह ही दिखाया गया है. जो कि इसकी पारंपरिक छवि से या अब तक की इसकी देखी गई इमेज से अलग नजर आता है. हालांकि रामायण और रामचरित मानस में पुष्पक विमान को एक पालकी की तरह बताया गया है, जिसमें हंस के पंख लगे हैं और यह मन की गति से उड़ता है. रामायणम् फिल्म में पुष्पक विमान को देखना एक अलग रोमांच होगा.
कुल मिलाकर श्रीराम का स्वरूप सिर्फ आस्था का विषय नहीं, बल्कि सदियों से लिखे गए ग्रंथों में दर्ज एक स्पष्ट छवि है. ऐसे में जब भी सिनेमा उसे पर्दे पर उतारता है, तो तुलना और बहस होना तय है और ‘रामायणम्’ के साथ भी यही हो रहा है.
विकास पोरवाल