Guava Care Tips: खराब नहीं होगी अमरूद की फसल, इन देसी तरीकों से करें कीटों से बचाव

नीम के पत्तों का प्राकृतिक घोल, सड़ी हुई गोबर की खाद, संतुलित सिंचाई और नियमित साफ-सफाई जैसे देसी उपाय न केवल फसल को सुरक्षित रखते हैं बल्कि अमरूद की मिठास, खुशबू और ताजगी को भी बनाए रखते हैं.

Advertisement
खेती के साधारण लेकिन असरदार टिप्स खेती के साधारण लेकिन असरदार टिप्स

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 27 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:11 AM IST

अमरूद की फसल अक्सर किसानों के लिए चिंता का कारण बनती है, खासकर तब जब मौसम और कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है लेकिन कई किसान अपनी सूझबूझ और पारंपरिक ज्ञान के दम पर इस चुनौती का सामना करते हैं. वे महंगे रसायनों या आधुनिक तकनीक पर निर्भर हुए बिना अपने बागों की देखभाल करते हैं और फल को कीट-मुक्त रखते हैं. आज भी ये पारंपरिक तरीके आधुनिक तकनीकों के मुकाबले असरदार साबित हो रहे हैं और किसानों को बाजार में बेहतरीन गुणवत्ता वाले फल बेचने का भरोसा दे रहे हैं.

Advertisement

नीम के पत्तों से कीट नियंत्रण

किसान रसायनों के बजाय नीम की पत्तियों का गाढ़ा घोल तैयार कर पेड़ की टहनियों और छोटे फलों पर छिड़कते हैं. नीम के कड़वेपन की वजह से कीट और मक्खियां फलों के पास नहीं आतीं. यह तरीका सस्ता, सुरक्षित और असरदार है.

सड़ी हुई गोबर की खाद से मिट्टी मजबूत

कम से कम एक साल पुरानी सड़ी हुई गोबर की खाद डालकर किसान मिट्टी को पोषण देते हैं. इससे पेड़ मजबूत बनता है, फल का आकार बेहतर होता है और तुड़ने के बाद भी फल लंबे समय तक ताजा रहता है.

साफ-सफाई और रोग नियंत्रण

पेड़ के नीचे गिरे हुए सड़े फल तुरंत हटाए जाते हैं. इससे फफूंदी और कीटों का खतरा कम होता है और पूरे बगीचे की फसल सुरक्षित रहती है.

संतुलित सिंचाई

अमरूद के फल पकते समय हल्की और नियमित सिंचाई की जाती है. ज्यादा पानी देने से फल फट सकता है या अंदर से गल सकता है.

Advertisement

सही समय पर तुड़ाई और भंडारण

फल हल्का पीला होते ही तोड़ा जाता है. इसके बाद फलों को ठंडी, हवादार जगह पर, बांस की टोकरियों या जालीदार बोरों में रखा जाता है. इससे फलों की ताजगी और चमक बनी रहती है और बाजार में अच्छी कीमत मिलती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement