उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए छुट्टा जानवरों की समस्या सबसे बड़ी है. इन जानवरों की फसलें चर जाने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं. प्रदेश के गोंडा जिले में भी किसानों के सामने ये समस्या आती रही है. किसानों को इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए यहां की जिलाधिकारी ने एक अनूठी पहल की है. जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने गोंडा के करीब 12 हजार शस्त्र धारकों से एक-एक गौवंश गोद लेने की अपील की है.
2000 लोगों ने छुट्टा जानवरों को लिया गोद
डीएम नेहा शर्मा ने दावा किया है कि जिले में करीब 2 हजार लोगों ने छुट्टा गायों को गोद लिया. अब जिलाधिकारी ने कार्यालय आदेश जारी कर जिले के शस्त्र धारकों से एक एक गौवंशों को गोद लेने की पहल की है. उनके मुताबिक अगर शस्त्र धारकों ने इस योजना में साथ दिया तो छुट्टा जानवरों से निपटने में मदद मिलेगी.
राज्य में कुल 12 हजार शस्त्र धारक
जिलाधिकारी नेहा शर्मा की माने तो यहां लगभग 12 हजार शस्त्र धारक हैं. ऐसे सभी शास्त्र धारकों के लिए कार्यालय की ओर से आदेश जारी किया गया है. छुट्टा गौवंशों की समस्या गवर्नमेंट की प्रायोरिटी है. अगर लोगों ने साथ दिया तो छुट्टा जानवरों के संबंध में 1 महीने के भीतर अच्छे परिणाम सामने नजर आ जाएंगे.
छुट्टा जानवरों की देखभाल के हर महीने मिलते हैं 1500 रुपये
बता दें कि छुट्टा गोवंशों को गोद लेने वालों के लिए एक योजना पहले से संचालित है. सहभागिता योजना के तहत छुट्टा जानवरों को गोद लेने वालों को उसके देखभाल के लिए ₹50 प्रति दिवस के हिसाब से भत्ता भी दिया जाता है. वहीं महीने की ये राशि 1500 रुपये हो जाती है. सरकार और प्रशासन की तरफ से छुट्टा जानवरों से निपटने के लिए तमाम कवायद की जा रही हैं. जिलाधिकारी नेहा शर्मा का कहना है, जनता साथ देती है तो आने वाले दिनों में छुट्टा जानवरों पूरी तरह निजात मिल सकती है.
अंचल श्रीवास्तव