वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश करते हुए कृषि और ग्रामीण विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं. वित्त मंत्री ने बताया कि पशुपालन क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम शुरू किया जाएगा. दुग्ध, पोल्ट्री और पशु व्यवसायों को आधुनिक बनाया जाएगा, वैल्यू चेन तैयार होगी और किसान संगठनों को बढ़ावा मिलेगा.
नारियल और चंदन जैसी हाई-वैल्यू फसलों को समर्थन दिया जाएगा ताकि फसल विविधीकरण हो, उत्पादन बढ़े, किसानों की आय सुधरे और नए रोजगार के अवसर बनें. कोकोनट प्रोत्साहन योजना की मदद से 1 करोड़ किसानों और 3 करोड़ लोगों की मदद की जाएगी.
‘AI एग्री टूल’, किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और उन्हें बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा. ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए सेल्फ हेल्प Entrepreneur (SHE) मार्ट्स शुरू किए जाएंगे, जो महिलाओं को उद्यमों की मालिक बनने में मदद करेंगे.
एआई टूल से मिलेगी किसानों को नई ताकत
नए रोजगार के अवसर
बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं. 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास से मत्स्य पालन को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण समुदायों की आय में वृद्धि होगी. इसी तरह, पशुपालन में उद्यमशीलता विकास को बढ़ावा देकर नए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे.
कोकोनट प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 1 करोड़ किसानों समेत 3 करोड़ लोगों को लाभ मिल सकेगा. इसके साथ ही, लक्ष्य रखा है कि भारतीय काजू और कोको को 2030 तक प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाया जाएगा, जिससे भारत के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिल सकेगी.
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