पपीते की खेती करने का है प्लान? Red Glow वैरायटी देगी बंपर उपज, यहां से खरीदें बीज

पपीते की खेती के लिए NSC की Red Glow वैरायटी किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है. Red Glow हाइब्रिड वैरायटी बेहतर स्वाद, लंबी शेल्फ लाइफ और अधिक उपज के लिए जानी जाती है. NSC के ऑनलाइन स्टोर से आप घर बैठे पपीते के बीज खरीद सकते हैं. आइए जानते हैं डिटेल.

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NSC स्टोर से घर बैेठे मंगा सकते हैं पपीते के बीज (फाइल फोटो) NSC स्टोर से घर बैेठे मंगा सकते हैं पपीते के बीज (फाइल फोटो)

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:59 PM IST

देश के कई राज्यों में किसान अब गेहूं, धान और दाल जैसी पारंपरिक खेती छोड़कर मुनाफे वाली फसलों की खेती की ओर रुख कर रहे हैं. इसी कड़ी में फलों की खेती की लोकप्रियता भी बढ़ रही है. बाजार में सालभर पपीते की मांग बनी रहती है. ऐसे में किसानों के लिए पपीते की खेती भी फायदे का सौदा साबित हो सकती है. अगर आप पपीते की खेती करना चाहते हैं तो नेशनल सीड्स कारपोरेशन (NSC) की Red Glow वैरायटी बेहतरीन विकल्प है. यह हाइब्रिड वैरायटी पपीते की खेती में नई क्रांति ला सकती है.

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बीज कैसे खरीदें?
NSC के ऑनलाइन स्टोर से Red Glow पपीते के 50 बीज का पैक सिर्फ 300 रुपये में उपलब्ध है. जिसे आप आसानी से घर बैठे ऑर्डर कर सकते हैं.

Red Glow वैरायटी की खासियत
Red Glow वैरायटी के पपीते अंदर से गहरे लाल या ऑरेंज रंग के होते हैं. इनका स्वाद मीठा और रसदार होता है. फल का आकार बड़ा होने के साथ इनकी शेल्फ लाइफ भी लंबी होती है, यानी दूर तक ले जाकर बेच सकते हैं. एक पेड़ से 80-100 किलोग्राम तक उपज मिल सकती है. पौधे की ऊंचाई लगभग 7 फीट रहती है और रोपाई के 8 महीने बाद फल आने लगते हैं.

पपीते की खेती के लिए कैसा मौसम सही? 
पपीते की खेती गर्म इलाकों में अच्छी होती है. इसके लिए औसत तापमान 22-30 डिग्री सेल्सियस आदर्श माना जाता है. भारत में पपीते की रोपाई तीन समय पर की जाती है.

  • फरवरी-मार्च (वसंत ऋतु)- सबसे अच्छा समय, खासकर उत्तर भारत में.
  • जून-जुलाई (मानसून के शुरू में)
  • सितंबर-अक्टूबर (शरद ऋतु)
     
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