आम को फलों का राजा कहा जाता है और भारत में आम की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. लेकिन अच्छी फसल पाने के लिए सही समय पर सही देखभाल बहुत जरूरी है. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, फरवरी और मार्च का महीना आम के पेड़ों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान पेड़ों पर बौर (फूल) आते हैं और फल बनने की शुरुआत होती है. अगर इस समय थोड़ी सी लापरवाही हुई तो फूल झड़ सकते हैं. जिससे फल कम हो सकते हैं. ऐसे में समय पर सही उपाय अपनाने से आम की पैदावार 2 गुना तक बढ़ सकती है.
फरवरी-मार्च में आम के पेड़ों की देखभाल
कृषि वैज्ञानिक और अनुभवी किसान बताते हैं कि फरवरी-मार्च में आम की बंपर पैदावार के लिए निम्नलिखित काम जरूर करें:
सिंचाई (पानी) का सही प्रबंधन
फरवरी में जब पेड़ों पर बौर (फूल) निकल रहे हों, तो पानी बिल्कुल कम दें या बिल्कुल न दें. ज्यादा पानी देने से नई पत्तियां निकल आती हैं. फूलों की जगह पत्तियां बढ़ जाती हैं, जिससे फल कम लगते हैं. जब फूल झड़कर छोटे फल (मटर के दाने जितने) बन जाएं, तब हल्की सिंचाई शुरू करें. मार्च में फल बढ़ने के समय नियमित लेकिन ज्यादा पानी ना दें. ड्रिप सिंचाई सबसे अच्छी रहती है, क्योंकि इससे पानी की बचत होती है और जड़ों तक सही नमी पहुंचती है.
खाद और पोषक तत्व का रखें ध्यान
कीट और रोग से बचाव
छंटाई (प्रूनिंग)
अगर जरूरी हो तो हल्की छंटाई करें. पुरानी, सूखी या बीमार टहनियां हटा दें ताकि पेड़ में धूप और हवा अच्छे से पहुंचे. ज्यादा घनी शाखाएं हटाने से फूल और फल अच्छे लगते हैं. लेकिन भारी छंटाई न करें, क्योंकि फरवरी-मार्च में पेड़ फूलों के दौर में होता है.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क