घर के बगीचे में फलदार पेड़ लगाना कई लोगों का सपना होता है, लेकिन आमतौर पर फल मिलने में कई साल लग जाते हैं. हालांकि बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार कुछ ऐसे फलदार पेड़ भी हैं जो तेजी से बढ़ते हैं और कम समय में फल देना शुरू कर देते हैं. सही मिट्टी, धूप और देखभाल मिलने पर ये पेड़ घर के बगीचे को जल्दी ही फलदार बना सकते हैं.
विशेषज्ञों के मुताबिक तेज़ी से बढ़ने वाले ये पेड़ शुरुआती गार्डनर्स के लिए भी अच्छे विकल्प होते हैं और कई किस्में गमलों में भी आसानी से उगाई जा सकती हैं.
नींबू (Lemon)
नींबू का पेड़ धूप वाली जगह और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में तेजी से बढ़ता है. सही परिस्थितियों में यह साल में कई बार फल दे सकता है.
मंदारिन (Mandarin)
मंदारिन यानी संतरे की एक किस्म का पेड़ तेजी से बढ़ता है और कम देखभाल में भी अच्छा फल देता है. इसे घर के बगीचे या बड़े गमले में लगाया जा सकता है.
शहतूत (Mulberry)
शहतूत का पेड़ गर्म मौसम में तेजी से बढ़ता है और इसके मीठे फल पक्षियों और परागण करने वाले कीटों को आकर्षित करते हैं. यह सूखे में भी टिक सकता है.
आड़ू (Peach)
आड़ू का पेड़ गर्म और धूप वाले मौसम में अच्छी तरह बढ़ता है. हालांकि अच्छी पैदावार के लिए इसमें समय-समय पर छंटाई और देखभाल जरूरी होती है.
कैलामोंडिन (Calamondin)
यह एक छोटा साइट्रस पेड़ है जो बहुत ज्यादा जगह नहीं लेता. इसे गमले में भी उगाया जा सकता है और यह सालभर फल दे सकता है. इसलिए छोटे घरों या बालकनी गार्डन के लिए यह अच्छा विकल्प माना जाता है.
एल्डरबेरी (Elderberry)
एल्डरबेरी एक झाड़ी जैसा फलदार पेड़ होता है, जिस पर छोटे बैंगनी रंग के फल गुच्छों में लगते हैं। इन फलों का इस्तेमाल जैम, सिरप और वाइन बनाने में किया जाता है.
अंजीर (Fig)
अंजीर के पेड़ तेजी से बढ़ते हैं और कम समय में फल देना शुरू कर देते हैं. यह सूखा सहन करने की क्षमता भी रखते हैं और सही देखभाल मिलने पर अच्छी पैदावार देते हैं.
कुमक्वाट (Kumquat)
कुमक्वाट एक छोटा साइट्रस पेड़ है जो छोटे लेकिन स्वादिष्ट फलों के लिए जाना जाता है. इसे कंटेनर या गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है.
इन बातों का रखें ध्यान
बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि फलदार पेड़ लगाने से पहले अपने इलाके की जलवायु, मिट्टी और जलवायु क्षेत्र को ध्यान में रखना चाहिए. साथ ही नियमित पानी, जैविक खाद और समय-समय पर छंटाई करने से पेड़ स्वस्थ रहते हैं और जल्दी फल देने लगते हैं.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क