चीन ने देश के कई राज्यों में पिछले एक हफ्ते से कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सख्त लॉकडाउन लगा रखा है लेकिन वहां हालात सुधरने के बजाए बिगड़ते ही जा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में सभी 31 प्रांतों में कोरोना वायरस फैल चुका है. वहीं चीन के करीब 12 हजार सरकारी अस्पतालों में कोरोना के नए मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं बचे हैं. मालूम हो कि शंघाई समेत 5 शहरों में लॉकडाउन लगा हुआ है.
शंघाई में 20 हजार लोग बैंकों में ही रह रहे
शंघाई में पूर्ण लॉकडाउन के कारण बैंकिंग और अन्य गतिविधियां बाधित नहीं हों इस लिए शंघाई के लगभग 20 हजार बैंकर्स दफ्तर में ही रह कर काम कर रहे हैं. सरकार की ओर से उनके लिए रुकने व खाने की व्यवस्था की गई है.ब
शंघाई में रोबोट से हो रही अनाउंसमेंट
शंघाई रोबोट के जरिए घोषणाएं की जा रही हैं. वहां की सड़कों पर चार पैरों पर गश्त करते हुए गली-गली जा कर लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी घोषणाएं करते हुए रोबोट को देखा जा सकता है.
Robot roaming the streets making health announcements in during lockdown.
— Eric Feigl-Ding (@DrEricDing)
कहीं लॉकडाउन से राहत, कहीं सख्ती बरकरार
चीन के जिलिन शहर के लोग तीन हफ्ते से अधिक समय तक लॉकडाउन में रहने के बाद अब घर से बाहर निकले सकेंगे लेकिन इस दौरान उन्हें मास्क पहनना होगा, घर के अंदर एक मीटर की दूरी पर रहना होगा. वहीं पार्कों व चौराहों पर सार्वजनिक सभा को करना प्रतिबंधित रहेगा. वहीं पश्चिम के आधे हिस्से में लॉकडाउन प्रभावी रहेगा. इसके अलावा कहीं और प्रांत में कई शहरों में लॉकडाउन लगाने की घोषण की गई है.
52% बुजुर्गों को ही लगी डबल डोज
चीन में 88 फीसदी लोगों को टीके की डबल डोज लग चुकी है, लेकिन 60 साल से अधिक आयु के केवल 52 फीसदी बुजुर्गों को ही डबल डोज लग पाई है.
पुक्सी में 16 लाख लोगों की होगी जांच
शंघाई के पुक्सी में करीब 16 लाख लोगों की जांच की जानी है. लॉकडाउन के दौरान यहां के निवासियों को अपने पड़ोस या आवास परिसरों को छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई है. प्रशासन के तरीफ उसे उनके लिए उनके आवासीय परिसरों के बाहर किराने का सामान, भोजन आदि की इंतजाम किया गया है.
एक दिन पहले आए थे 8559 नए केस
चीन में गुरुवार को 24 घंटे में कोरोना के 8,559 नए मामले सामने आए थे. इनमें से 6,720 में कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले. नए मामलों में 100 ऐसे लोग थे, जो हाल ही में विदेश से आए थे.