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बॉस पर एक्शन! सैलरी की जगह स्टाफ के घर डाले थे 91,000 सिक्के

एक कर्मचारी (Employee Sues Boss) ने अपने बॉस पर केस कर दिया. दरअसल, बॉस से विवाद होने के बाद कर्मचारी ने नौकरी (Quit Job) छोड़ दी, लेकिन जब फुल एंड फाइनल सैलरी (Salary) की बारी आई तो उसे बोरा भरकर चिल्लर थमा दिए गए.

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सिक्कों की सांकेतिक फोटो (Getty) सिक्कों की सांकेतिक फोटो (Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 227 किलो था सिक्कों का वजन
  • नोट के बजाय चिल्लर दिए

अमेरिका में रहने वाले एक कर्मचारी (Employee Sues Boss) ने अपने बॉस पर केस कर दिया. दरअसल, बॉस से विवाद होने के बाद कर्मचारी ने नौकरी (Quit Job) छोड़ दी, लेकिन जब फुल एंड फाइनल सैलरी (Salary) की बारी आई तो उसे बोरा भरकर गंदे सिक्के थमा दिए गए. साथ में एक आपत्तिजनक मैसेज भी उसके घर पर डाला गया था. कर्मचारी की शिकायत के बाद, अमेरिका के लेबर विभाग ने बॉस के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है.

वहीं, इन सिक्कों की कीमत भी उसकी बची हुई सैलरी से कम थी. इसी से भड़के कर्मचारी ने अपने बॉस पर केस ठोक दिया. 'द सन' की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 वर्षीय कर्मचारी का नाम एंड्रियाज फ्लैटेन (Andreas Flaten) है, जो जॉर्जिया के फैयेटविल (Fayetteville, Georgia) में एक कार मैकेनिक के तौर पर काम करता था. कुछ समय पहले फ्लैटेन का अपने बॉस माइल्स वॉकर से कुछ विवाद हो गया, जिसके बाद उसने नौकरी छोड़ने का फैसला ले लिया. 

नोट के बजाय सिक्के पकड़ा दिए

लेकिन नौकरी छोड़ने से पहले जब एंड्रियाज फ्लैटेन ने सभी बकाया भुगतान करने की मांग की तो बॉस ने उसे नोट के बजाय सिक्के पकड़ा दिए, वो भी बोरा भरकर. इन सिक्कों का वजन 227 किलो के करीब था. कुल मिलाकर ये 91,500 सिक्के थे. सिक्के गंदे भी थे क्योंकि इन्हें तेल में डुबो दिया गया था. 

मैकेनिक एंड्रियाज का कहना है कि उसे फुल एंड फाइनल सैलरी के तौर पर इतने ज्यादा चिल्लर दे दिए गए कि उन्हें गिनने में उसके पसीने छूट गए. हालांकि, गिनने के बाद भी सिक्कों की वैल्यू फाइनल सैलरी से कम निकली. सभी सिक्के मिलाकर 67 हजार रुपये थे, जबकि बकाया इससे अधिक था.

एंड्रियाज ने इन सिक्कों की फोटो खींचकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पूरा किस्सा शेयर कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया. मैकेनिक ने अमेरिका के लेबर कोर्ट में इस घटना को लेकर शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि बॉस ने ओवरटाइम और अन्य भत्तों का भुगतान नहीं किया. 

कोर्ट में बताया गया कि सिक्कों को जिस तरह रास्ते पर फेंककर दिया गया था, उसे उठाने में एंड्रियाज को 7 घंटे का वक्त लगा, जिसे हैरेसमेंट माना गया. वहीं बॉस का कहना है कि उसे पूरे पैसे दिए गए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो कैसे दिए गए.

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