भारतीय कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर ईशांत शर्मा की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की है. उन्होंने हुए कहा कि वह चाहते तो करियर को लंबा करने के लिए सीमित ओवरों के क्रिकेट को चुन सकते थे, लेकिन उन्होंने टेस्ट क्रिकेट चुना.
32 साल के ईशांत इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से शुरू हो रहे दिन-रात के तीसरे टेस्ट में उतरेंगे तो कपिल देव के बाद 100 टेस्ट खेलने वाले भारत के दूसरे तेज गेंदबाज बन जाएंगे.
कोहली ने मैच से पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा ,‘आधुनिक क्रिकेट में यह बड़ी उपलब्धि है. अपनी फिटनेस बनाए रखना और सौ टेस्ट खेलना किसी तेज गेंदबाज के लिए आसान नहीं है. वह सीमित ओवरों के क्रिकेट को चुन सकते थे, लेकिन उन्हें इसका श्रेय जाता है कि उन्होंने नहीं चुना.’
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— BCCI (@BCCI)
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उन्होंने कहा, ‘कई लोगों की प्रेरणा खत्म हो जाती है. उनके पास कौशल है और वह चाहते तो 4 ओवर, 10 ओवर का क्रिकेट और नियमित रूप से आईपीएल खेल सकते थे. लेकिन टेस्ट क्रिकेट के प्रति वह पूरी तरह से समर्पित हो गए.’
ईशांत ने आखिरी वनडे 2016 में और आखिरी टी20 मैच 2013 में खेला था. पुरानी यादें ताजा करते हुए कोहली ने कहा, ‘मैं वर्षों से ईशांत को जानता हूं. उन्होंने मेरे साथ ही प्रदेश क्रिकेट खेलना शुरू किया था. पहले सत्र से ही हम रूममेट थे और कई साल तक रणजी ट्रॉफी साथ खेले.’
उन्होंने कहा, ‘जब उनका भारतीय टीम में चयन हुआ, तब वह दोपहर में गहरी नींद सो रहे थे. मुझे उन्हें बिस्तर से गिराकर बताना पड़ा कि उनका चयन हो गया है. उन्हें भरोसा ही नहीं हुआ. हमने कहां से साथ शुरुआत की थी और आज वह सौवां टेस्ट खेलने की दहलीज पर हैं.’