अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने तीन महीने पहले अंतरिक्ष में जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (James Webb Space Telescope) भेजा. इसके अंदर लगा है मिड-इंफ्रारेड इंस्ट्रूमेंट (Mid-Infrared Instrument - MIRI). यह यंत्र अंतरिक्ष में बनने वाली थर्मल एनर्जी को रेडिएट करके ठंडा कर रहा है. असल में आमतौर पर किसी स्पेस टेलिस्कोप या सैटेलाइट के साथ जो कूलिंग करने वाले यंत्र जाते हैं, वो 34 से 39 केल्विन पर ठंडा करने का काम करते हैं. असल में ये सैटेलाइट्स के एयरकंडिशनर होते हैं.
वहीं, MIRI सिर्फ एयरकंडिशनर नहीं है. यह सुपर एयरकंडिशनर है. यह जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप को अंतरिक्ष के रेडिएशन और सूरज की गर्मी से बचाता है. यह सूरज की ऊर्जा का ही उपयोग करके जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप को ठंडा रखता है. वैज्ञानिक इसे क्रायोकूलर (Cryocooler) कहते हैं. पिछले कुछ हफ्तों से मीरी क्रायोकूलर हीलियम गैस का बहाव कर रहा है. ताकि वह तापमान 15 केल्विन तक बना रहे. लेकिन यह क्रायोकूलर के लिए कठिन हो रहा था. तब मीरी एक्शन में आता है.

मीरी (MIRI) यह समझ जाता है कि क्रायोकूलर सही से काम नहीं कर पा रहा है, तब वह रोशनी की मात्रा से उसकी ऊर्जा और गर्मी को भाप लेता है. उसके बाद वह क्रायोकूलर को और ठंडा होने का निर्देश भेजता है. जैसे ही क्रायोकूलर माइनस 266 डिग्री सेल्सियस यानी 7 केल्विन के नीचे पहुंचता है, मीरी अपना काम शुरु कर देता है. यानी पूरे जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप को ठंडा रखने का काम. पिछले तीन महीनों में मीरी ने यह काम कई बार बेहतरीन तरीके से किया है.

नासा जेपीएल के क्रायोकूलर स्पेशलिस्ट कॉन्सटैनटिन पेनानेन कहते हैं कि मीरी क्रायोकूलर को नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी संचालित करती है. इसके काम में मदद करते हैं गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर, जॉन्सन स्पेस सेंटर और स्पेस टेलिस्कोप साइंस इंस्टीट्यूट. ये लोग लगातार टेलिस्कोप पर नजर तो रखते ही है, उसके अलग-अलग हिस्सों और पेलोड्स पर भी सीधी नजर रखते हैं.
"MIRI’s state-of-the-art light sensitive detectors are blind unless they are cooled below 7 kelvins (-266 C!)." 🥶
— UK Astronomy Technology Centre (@ukatc)
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मीरी (MIRI) में चार कोरोनाग्राफ्स लगे हैं. ये उन ग्रहों को पहचानने का प्रयास करते हैं, जो अपने तारों की चमक की वजह से दिखते हैं. या फिर सूरज जैसे तारों से निकलने वाली तीव्र ऊर्जा से ज्यादा रेडिएशन पैदा करते हैं. इसके अलावा मीरी के कोरोनाग्राफ किसी ग्रह पर वायुमंडल, पानी, ओजोन, मीथेन, अमोनिया जैसी चीजों की खोज भी करने में भी मदद करता है.