पश्चिम बंगाल सरकार ने इस महीने की शुरुआत में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस से जुड़ी 64 फाइलें सार्वजनिक करने के बाद नेताजी और उनसे जुड़े मामलों के वर्ष 1938-1947 के बीच के कैबिनेट के दस्तोवज भी सार्वजनिक कर दिए.
ऐसा पहले कभी नहीं किया गया
राज्य सचिवालय में ने संवाददाताओं से कहा, ‘ आज हम आजाद भारत के पूरे इतिहास में कुछ अनोखा काम करने जा रहे हैं. हम कैबिनेट दस्तावेजों को सार्वजनिक कर रहे हैं. ऐसा पहले कभी नहीं किया गया. ऐसा करते हुए हमने कई कानूनों और नियमों को ध्यान में रखा है.’
सार्वजनिक करने की जरूरत है
उन्होंने कहा, ‘ आजादी से पहले के भारत में यह दस साल की अवधि बेहद महत्वपूर्ण है, जिस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे दर्ज किए गए और कई महत्वपूर्ण कैबिनेट फैसले लिए गए. यह दस्तावेज आजादी-पूर्व भारत के लिए गोपनीय रहे होंगे, लेकिन वर्तमान में इन्हें सार्वजनिक करने की जरूरत है. इसलिए हमने उन्हें किया.’
एक सीडी भी की जारी
ममता ने उस दौरान हुई कैबिनेट की 401 बैठकों के की सूचनाओं वाली एक सीडी भी जारी की. इस अवधि में ‘भारत छोड़ आंदोलन’, बंगाल का आकाल और बंगाल विभाजन जैसी घटनाएं हुई थीं.
डिजिटलीकरण का काम चल रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दस्तावेज राज्य अभिलेखागार, राज्य सूचना केंद्र और राज्य केंद्रीय पुस्तकालय में जनता, अनुसंधानकर्ताओं, इतिहास लेखकों और छात्रों के लिए उपलब्ध होंगे. उन्होंने कहा कि इन फाइलों के डिजिटलीकरण का काम 2013 में शुरू हुआ. फिलहाल 1947 के बाद 10 सालों के कैबिनेट दस्तावेजों के डिजिटलीकरण का काम चल रहा है.
इनपुट- भाषा