नामीबिया से 8 चीतों को विशेष विमान के जरिए भारत लाया गया. जिन्हें शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया. इसके साथ ही भारत की धरती पर 74 साल बाद चीता वापस देखने को मिला है. बीजेपी इन चीतों को लाए जाने को लेकर मोदी सरकार की जमकर सरहाना कर रही है. वहीं कांग्रेस लगातार केंद्र पर निशाना साध रही है.
I don't have a problem with Cheetahs being brought back but at the same time PM Modi should be worried about the rising prices of essentials and record unemployment rate : Shri
— Congress (@INCIndia)
कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने केरल में 'भारत जोड़ो' यात्रा के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए इन चीतों को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा. इन्होंने कहा "मुझे चीतों को वापस लाए जाने से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन साथ ही पीएम मोदी को आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और रिकॉर्ड बेरोजगारी दर के बारे में भी चिंतित होना चाहिए."
8 चीते तो आ गए, अब ये बताइए,
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi)
8 सालों में 16 करोड़ रोज़गार क्यों नहीं आए?
युवाओं की है ललकार, ले कर रहेंगे रोज़गार।
वहीं इससे पहले कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, "8 चीते तो आ गए, अब ये बताइए 8 सालों में 16 करोड़ रोज़गार क्यों नहीं आए? युवाओं की है ललकार, ले कर रहेंगे रोज़गार."
कांग्रेस ने किया 'प्रोजेक्ट चीता' पर दावा
गौरतलब है कि कांग्रेस ने दावा किया करते हुए कहा है कि 'प्रोजेक्ट चीता' का प्रस्ताव पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के समय तैयार हो गया था. 14 साल पहले 2008-09 में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की रोक की वजह से ये अब जाकर पूरा हो रहा है. इसको लेकर कांग्रेस ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर तत्कालीन वन और पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश की एक फोटो भी शेयर की. ये फोटो जयराम रमेश के अप्रैल 2010 में अफ्रीका के चीता आउटरीच सेंटर पर जाने की है.
PM hardly ever acknowledges continuity in governance. Cheetah project going back to my visit to Capetown on 25.04.2010 is the latest example. The tamasha orchestrated by PM today is unwarranted and is yet another diversion from pressing national issues and 1/2
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh)
इसके साथ कांग्रेस ने लिखा कि 'प्रोजेक्ट चीता' का प्रस्ताव 2008-09 में तैयार हुआ. मनमोहन सिंह सरकार ने इसे मंजूरी दी थी. 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रोजेक्ट पर रोक लगाई, जो 2020 में हटी और अब चीते आएंगे.