केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस सयम दावोस में हैं. वे वहां पर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने गए हैं. उनके साथ कुछ राज्य के मुख्यमंत्री और दूसरे मंत्री भी साथ गए हैं. इस खास मौके पर पीयूष गोयल ने कई मुद्दों पर आजतक से बातचीत की. उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी प्रतिक्रिया दी और कोरोना जैसी चुनौती पर भी अपने विचार रखे.
पीयूष गोयल ने जोर देकर कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत ने हर आपदा को अवसर में बदला है. वे कहते हैं कि पिछले कुछ सालों में दुनिया ने कई चुनौतियों का सामना किया है. फिर चाहे वो कोरोना रहा हो या फिर रूस-यूक्रेन युद्ध. लेकिन इन जटिल परिस्थितियों में भी पीएम मोदी ने आपदा को ही अवसर में बदल दिया. देश की जरूरत के हिसाब से खुद को बदला गया और तेज और सही फैसले लिए गए.
कोरोना के बारे में जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उस समय पीएम मोदी ने आगे से पूरे देश को लीड किया था. उनकी तरफ से बड़े रीफॉर्म किए गए, अर्थव्यवस्था को खोला गया. उन्होंने सही मायनों में आपदा को भी अवसर में बदल दिया था. वैसे पीयूष गोयल से सवाल पेट्रोल-डीजल के दामों पर भी किया गया. हाल ही में केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज घटा दिया. इस पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ये तमाम फैसले, ऐसी योजनाएं काफी सोच-विचार करने के बाद लाई जाती हैं. इन फैसलों से महंगाई को कम करने का प्रयास रहेगा. एक्साइज घटाना ये भी बताता है कि सरकार लोगों की जरूरतों को लेकर काफी संवेदनशील है.
| "India is the place to invest, India is the place to do business with, India provides focused leadership," says to .
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पीयूष गोयल ने भारत सरकार के उस फैसले का भी बचाव किया जहां पर क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स लगाया गया. उनकी नजरों में दुनिया भी अब वो बातें समझ पा रही है जो भारत ने काफी पहले समझ ली थीं. भारत के इकोसिस्टम के लिए अनरेगुलेटेड क्रिप्टोकरेंसी सही नहीं है.
जानकारी के लिए बता दें कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत के प्रतिनिधिमंडल में चार केंद्रीय मंत्री शामिल हैं. इसके अलावा एमपी, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए हैं.