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'कोर्ट की अवमानना' वाले कॉमेंट से घिरे त्रिपुरा के CM बिप्लब देब, TMC ने बोला हमला

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब एक बार फिर से विवादों में घिर गए हैं. इस बार उन पर न्यायपालिका का 'मजाक' उड़ाने का आरोप लगा है. तृणमूल कांग्रेस के सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने देब पर उनके बयान को ट्वीट करते हुए निशाना साधा है.

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फिर विवादों में घिरे त्रिपुरा सीएम बिप्लब देब
  • कोर्ट की अवमानना को लेकर किया कॉमेंट
  • तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने बोला हमला

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब एक बार फिर से विवादों में घिर गए हैं. इस बार उन पर न्यायपालिका का 'मजाक' उड़ाने का आरोप लगा है. तृणमूल कांग्रेस के सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने देब पर उनके बयान को ट्वीट करते हुए निशाना साधा है. एजेंसी की खबर के मुताबिक शनिवार को त्रिपुरा सिविल सर्विस ऑफिसर्स एसोसिएशन के द्विवार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने सिविल सर्वेंट्स से आग्रह किया कि वे अपने काम के रास्ते में न्यायपालिका के डर को न आने दें. 

कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद बिल्पब कुमार देब पर विपक्षी दल हमला बोल रहे हैं. ट्विटर पर हमला बोलते हुए टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, ''उन्होंने बेशर्मी से लोकतंत्र का मजाक उड़ाया, माननीय न्यायपालिका का मजाक उड़ाया. क्या सुप्रीम कोर्ट उनकी टिप्पणियों पर संज्ञान लेगा जोकि गंभीर अनादर को दिखाते हैं?''

वीडियो में सीएम देब को सरकारी आदेशों को लागू करने के दौरान 'अदालत की अवमानना' से डरने वाले लोक सेवकों पर तंज कसते हुए सुना जा सकता है. स्थानीय भाषा में बोलते हुए उन्होंने कहा, "इससे व्यवस्था में किस तरह की समस्याएं पैदा होंगी? मैं जानना चाहता हूं कि अदालत की अवमानना के आरोप में किसे जेल भेजा गया है? मैं यहां हूं. आपके जेल जाने से पहले मैं जाऊंगा." इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने तालियां भी बजाईं.

बिप्लब देब ने आगे कहा कि किसी को जेल भेजना आसान नहीं होता है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस के काम को याद रखा जाए. अगर कोर्ट पुलिस को किसी को जेल भेजने के लिए कहती है तो पुलिस उन्हें बताएगी कि आरोपी मिला ही नहीं. उन्होंने कहा कि आखिरकार ताकत 'बाप' के हाथ में होती है. उन्होंने यह भी बताया कि कैसे राज्य के पूर्व मुख्य सचिव ने अपने कर्तव्यों से छुटकारा लिया, क्योंकि उन्हें अदालत की अवमानना का डर था. उन्होंने कहा कि उन्हें उनकी परवाह नहीं है.

 

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