भारतीय जनसंघ के संस्थापक रहे श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को भारतीय जनता पार्टी बलिदान दिवस के रूप में मना रही है. पश्चिम बंगाल में इस मौके पर आज भाजपा और तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने हैं. तृणमूल कांग्रेस की ओर से बुधवार को ही राज्यपाल को कुर्सी से हटाने की आवाज़ उठाई गई है.
तृणमूल कांग्रेस के सांसद प्रसून बनर्जी ने कहा कि बंगाल में राज्यपाल जगदीप धनखड़ को पद से हटा देना चाहिए. प्रसून बनर्जी ने कहा कि उनके कामकाज को देखकर लगता है कि राज्यपाल की जरूरत नहीं है, वह इस बात को संसद में भी उठाएंगे.
टीएमसी की इस मांग पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी कभी पीएम मोदी को हटाने की बात करती है, कभी राज्यपाल को हटाने की बात कहती है. लेकिन, असल में उन्हें बंगाल से रोहिंग्याओं को हटाने की बात करनी चाहिए.
बंगाल के बंटवारे की भी उठी मांग
इस बयानबाजी के बीच बीजेपी सांसद जॉन बारला की ओर से उत्तर बंगाल को अलग करने की मांग की गई है. जॉन बारला ने अपने फेसबुक पोस्ट में वीडियो के जरिए कहा है कि बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हो रहा है और वो अपना घर छोड़ कर भाग रहे हैं. ऐसे में उनकी मांग जायज है कि उत्तर बंगाल को अलग कर देना चाहिए.
हालांकि, बीजेपी की ओर से इस मांग को ठुकराया गया है. पार्टी ने कहा है कि बीजेपी बंगाल का बंटवारा नहीं चाहती है. दिलीप घोष ने कहा कि हमने और हमारे किसी नेता ने बंटवारे की बात नहीं की. हमारे कार्यकर्ताओं पर जो अत्याचार हो रहा है, इसके खिलाफ लोग आवाज उठा रहे हैं. दिलीप घोष के अलावा राहुल सिन्हा, लॉकेट चटर्जी ने भी बंटवारे की बात को नकारा. बताया जा रहा है कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व जॉन बारला, सौमित्र खान द्वारा उठाए गए बंटवारे के मसले से खफा हैं.
Paid homage in Keoratala (Kolkata) cremetory in memory of bengal & India's pride "bharat keshari" Dr. Shyamaprasad Mukherjee for his sacrifice for the nation.
— Dilip Ghosh (@DilipGhoshBJP)
आज ममता सरकार की ओर से भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी गई. मंत्री फिरहाद हकीम की ओर से श्यामा प्रसाद की मूर्ति पर मल्यादान किया गया, लेकिन फरहाद हकीम ने बीजेपी पर कटाक्ष भी किया.
फिरहाद हकीम ने कहा कि श्यामा प्रसाद का इस्तेमाल कर बीजेपी को डिविडेंड नहीं मिला, इसलिए अब उनकी बात नहीं करेंगे. जब बीजेपी को गुजरात में जरूरत थी तो वल्लभभाई पटेल का नाम उछाला गया. वहीं बिहार इलेक्शन के समय में एक अभिनेता की मौत को उछाला गया जो बाद में ठंडा हो गया.