बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर और बीजेपी लीडर मिथुन चक्रवर्ती इन दिनों सुर्खियों में रहे. उन्होंने बंगाल चुनाव के प्रचार के दौरान बीजेपी का खूब जोर-शोर से प्रमोशन किया. कभी वामपंथी विचारधारा के लिए मशहूर मिथुन चक्रवर्ती का यूं बीजेपी में शामिल होना भले ही कई लोगों के गले ना उतरा हो मगर एक्टर ने बंगाल में जुनावी रैलियों में बीजेपी को फुल सपोर्ट दिया. हाल ही में ऐसी अफवाहें उड़ीं कि मिथुन चक्रवर्ती कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. अब एक्टर की इसपर सफाई भी आ गई है.
कोरोना पॉजिटिव नहीं हैं मिथुन चक्रवर्ती
मिथुन चक्रवर्ती को लेकर ये अफवाह उड़ रही थी कि वे कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकार हो गए हैं. मगर एक्टर ने इस बात से साफ तौर पर इंकार कर दिया है. एक्टर ने ट्विटर पर इस बात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि- एक महीने से ज्यादा वक्त तक चली जोरदार कैंपेनिंग के बाद मैं अपने घर में छुट्टियां मना रहा हूं और अपना फेवरेट फूड Beuli दाल और आलू पोस्टो खा रहा हूं.
After an extensive campaigning for more than a month I am enjoying my holiday with my favorite food "Beuli Dal and Aloo Posto".
— Mithun Chakraborty (@mithunda_off)
एक मैग्जीन से उड़ी अफवाह-
एक पॉपुलर फिल्म मैग्जीन ने ट्वीट करते हुए ये लिखा कि मिथुन चक्रवर्ती को कोरोना हो गया है. हालांकि बाद में फिल्म मैग्जीन ने इसके लिए माफी मांगी और कहा कि उनके द्वारा गलत खबर ट्वीट कर दी गई. उन्हीं के नाम से मिलता हुआ एक और बंगाली एक्टर था जिसे कोरोना हुआ था.
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करीबी सूत्रों से भी हुई पुष्टि
मिथुन के एक करीबी सूत्र ने मिथुन की सेहत के बारे में बात करते हुए कहा कि- मिथुन पूरी तरह से स्वस्थ हो गए हैं. उन्होंने बीजेपी के लिए विशाल कैंपेनिंग की. अब वे थके हुए हैं और घर पर आराम कर रहे हैं. वो पूरी तरह से स्वस्थ हैं. बता दें कि एक्टर ने मार्च में बीजेपी ज्वाइन की थी. उनका लुक और बयान सभी इस दौरान चर्चा में रहे.
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— Mithun Chakraborty (@mithunda_off)
क्यों उठ रहे बंगाल इलेक्शन पर सवाल?
जिस हिसाब से देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले पिछले कुछ समय से सामने आए हैं उस हिसाब से कई लोग बीजेपी को इसका जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. लोगों का मानना है कि इस महामारी के दौर में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी गई बल्कि चुनावी रैलियां कर के कोरोना वायरस की अनदेखी की गई और इसी वजह से मौजूदा स्थिति इतनी भयानक हो गई. वहीं दूसरी तरफ पार्टी ने अपने बचाव में कहा कि रैलियों के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और बाकी सेफ्टी मेजर्स का पालन किया गया और चुनाव कराने का फैसला चुनाव आयोग का था.