क्या हाथरस कांड की पीड़िता को बदनाम करने की कोशिश हो रही है. ये सवाल परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद उठ रहे हैं. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी गुरुवार को ट्वीट करके कहा कि हाथरस की पीड़िता के चरित्र को नीचा ना दिखाओ. दरअसल, पीड़िता के परिवार वाले सनसनीखेज आरोप लगा रहे हैं. आरोप ये कि उनके खिलाफ षड्यंत्र चल रहा है. बता दें कि इस पूरे मामले में जैसे ही आरोपी और पीड़िता के परिवार के फोन से बातचीत का खुलासा हुआ, केस में नया ट्विवस्ट आ गया है.
पुलिस ने जो कॉल डिटेल्स जारी किए हैं, इसमें आरोपी संदीप ठाकुर और पीड़िता के भाई के नाम से नंबर के बीच 104 बार कॉल किए गए. ये कॉल रिकॉर्ड 13 अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 के बीच के हैं, लेकिन पीड़िता के परिवार का कहना है कि ये एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है. पीड़िता के भाई का कहना है कि ये पूरा षड्यंत्र रचा जा रहा है, फोन तो पिता जी का था.
..Her body has been burned without the participation or consent of her family.
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi)
SHE DESERVES JUSTICE NOT SLANDER.
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हालांकि, इन कॉल डिटेल्स से ये कहीं पता नहीं चला है कि आरोपी संदीप ठाकुर से पीड़ित परिवार का कौन सा सदस्य बात करता था, लेकिन पीड़िता के भाई का कहना है कि ये फोन उनकी बहन ने नहीं किया. उनका कहना है कि हमारी बहन निगरानी में रहती थी.
पीड़िता के परिवार के बचाव में प्रियंका गांधी पूरी तरह से उतर आईं हैं. हाथरस की पीड़िता पर प्रियंका गांधी ने कहा है कि वो न्याय के लायक है, बदनामी के नहीं. प्रियंका गांधी ने हाथरस की पीड़िता पर एक ट्वीट किया है.
कांग्रेस महासचिव ने लिखा कि ऐसी कहानियों को गढ़ना जो महिलाओं के चरित्र को नीचा दिखाए और उसके खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए उसे जिम्मेदार ठहराए वो विद्रोही और प्रतिगामी है. हाथरस में एक जघन्य अपराध किया गया है, जिसमें एक युवती की मौत हो गई. उसका शरीर उसके परिवार की मौजूदगी के बिना ही जला दिया गया. वो न्याय के लायक है, बदनामी के नहीं.
एक ओर जहां पीड़िता का परिवार अपनी बच्ची के लिए इंसाफ मांग रहा हैं तो वहीं आरोपी की मां अपने बेटे को बेकसूर बता रही है. वो अपने बेटे के लिए इंसाफ मांग रही है. आरोपी की मां का कहना है कि उनके बेटे को फंसाया गया है. वो निर्दोष है.