कोरोना वायरस की वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के लिए रूस की राजधानी मॉस्को के तीन क्लीनिक में पहुंच चुकी है. इस बात की जानकारी मॉस्को की डिप्टी मेयर ने दी. उन्होंने कहा कि मॉस्को चिकित्सा संस्थान ने पोस्ट-ट्रायल के लिए कोरोना वायरस की वैक्सीन का पहला बैच हासिल किया. अगले सप्ताह से शुरू होने वाली स्टडी के लिए चिकित्सा संस्थान पूरी तरह से तैयार है.
डिप्टी मेयर ने आगे कहा कि वैक्सीन को कुछ शर्तों के साथ स्टोर किया गया है. माइनस 40 डिग्री तापमान को बनाए रखने के लिए खासतौर के फ्रीजर को भी क्लीनिक के लिए खरीदा गया है. मॉस्को के लोग स्टडी में हिस्सा लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं और सबसे पहले उन्हें ही वैक्सीन मिलेगी. जो क्लीनिक स्टडी को करा रहे हैं, वो रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त हैं.
मॉस्को की डिप्टी मेयर ने आगे कहा कि मॉस्को सरकार और गमालेया नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ऑफ रशियन हेल्थकेयर मिनिस्ट्री ने वैक्सीन के पोस्ट रजिस्ट्रेशन क्लीनिकल ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए मॉस्को के लोगों को आमंत्रित किया है. 40,000 लोग इसमें हिस्सा ले सकते हैं. डिप्टी मेयर ने कहा कि वैक्सीनेशन फ्री रहेगा.
World's first registered Russian Vaccine against was presented to the Defence Ministers of Shanghai Cooperation Organization (SCO), Commonwealth of Independent States (CIS), countries of Collective Security Treaty Organization (CSTO), & Republic of Serbia: MoD Russia
— ANI (@ANI)
वहीं, मॉस्को पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को रूस की सरकार को महामारी से सफलता से निपटने के लिए बधाई दी. उन्होंने कोरोना वायरस की वैक्सीन Sputnik V बनाने के लिए रूस के वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य कर्मियों की तारीफ की. दुनिया में कोरोना की पहली रजिस्टर्ड वैक्सीन को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों के सामने प्रस्तुत किया गया.