यूएई राष्ट्रपति का भारत दौरा भले ही केवल एक घंटा पैंतालीस मिनट का था, लेकिन इसने पाकिस्तान में गहरी बेचैनी पैदा कर दी है. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और उसकी विदेश नीति खाड़ी देशों पर निर्भर है, जिसमें तेल, कर्ज़ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन शामिल है. इस बीच, यूएई तेजी से भारत के साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्रों में जुड़ रहा है जो पाकिस्तान के लिए खतरनाक संकेत है.