इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम वार्ता का दूसरा दौर अब केवल एक बातचीत नहीं रह गया है. यह जनरल असीम मुनीर के लिए 'करो या मरो' की परीक्षा है. जो शख्स खुद को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच के 'पुल' के रूप में पेश कर रहा था, आज वही शख्स उस पुल के ढहने की वजह बनता दिख रहा है.