ब्रिटिश अखबार की तरफ से ये दावा किया गया है कि मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों का पता लगाने में चीन ने ईरान की मदद की. अखबार के मुताबिक चीनी सैटेलाइट से ईरान को अमेरिकी ठिकानों की हर तस्वीर मिलती रही. ब्रिटिश अखबार के मुताबिक ईरान ने साल 2024 में गुपचुप तरीके से चीनी जासूसी सैटेलाइट हासिल किया था.