'आओ मैं सिखाता हूं...', एपस्टीन फाइल्स से निकला डोनाल्ड ट्रंप का 'सीक्रेट', लगे सनसनीखेज आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों में हैं. जस्टिस डिपार्टमेंट ने जेफरी एपस्टीन केस से जुड़ी उन 15 'गायब' फाइलों को सार्वजनिक कर दिया है, जिन्हें पहले गलती से डुप्लीकेट मानकर दबा दिया गया था. इन दस्तावेजों में एक महिला ने ट्रंप पर यौन उत्पीड़न और मारपीट के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं.

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जस्टिस डिपार्टमेंट ने एपस्टीन की 'सीक्रेट' फाइल्स जारी की, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. (File Photo: ITG) जस्टिस डिपार्टमेंट ने एपस्टीन की 'सीक्रेट' फाइल्स जारी की, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:57 PM IST

अमेरिका में जेफरी एपस्टीन केस की फाइलों के नए सेट के सार्वजनिक होने के बाद हड़कंप मच गया है. यूएस जस्टिस डिपार्टमेंट ने उन 'गुमशुदा' फाइलों को जारी कर दिया है, जिनमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. एक महिला ने दावा किया है कि जब वो नाबालिग थी, तब उसका यौन शोषण किया गया था. उसके साथ ट्रंप ने मारपीट की थी.

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न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, एक महिला ने जांचकर्ताओं को बताया कि साल 1980 में न्यूयॉर्क या न्यू जर्सी में कुख्यात सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन ने उसकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रंप से कराई थी. उस वक्त पीड़िता की उम्र महज 13 से 15 साल के बीच थी. उसने साल 2019 में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) को दिए अपने बयान में ये सनसनीखेज आरोप लगाए थे.

दस्तावेजों के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप ने उसे 'ओरल' के लिए मजबूर करने की कोशिश की थी. उसने दावा किया कि ट्रंप ने उससे कहा था, "मैं तुम्हें सिखाता हूं कि छोटी लड़कियों को कैसा होना चाहिए." जब उसने ट्रंप की बात मानने से इनकार कर दिया, तो आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई. उसके साथ जबरदस्ती की गई थी. 

हैरानी की बात यह है कि ये सनसनीखेज दावे उन 15 फाइलों का हिस्सा हैं, जिन्हें पहले सार्वजनिक नहीं किया गया था. जस्टिस डिपार्टमेंट का तर्क है कि इन फाइलों को पहले 'गलत तरीके से डुप्लीकेट के तौर पर कोड' कर दिया गया था. इसकी वजह से ये पहले रिलीज नहीं हो सकी थी. हालांकि, यह चेतावनी भी जारी की गई है कि इन दस्तावेजों में झूठ दर्ज हो सकता है.

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जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ से कहा गया है कि दस्तावेजों में डोनाल्ड ट्रंप के बारे में झूठे और सनसनीखेज दावे शामिल हो सकते हैं. वो स्वतंत्र रूप से इन आरोपों की पुष्टि नहीं कर सकता है. यह पूरा मामला अब सियासी रंग ले चुका है. यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इस बात की जांच चल रही है कि जस्टिस डिपार्टमेंट ने रिकॉर्ड्स को कैसे मैनेज किया. 

हाल ही में सांसदों ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को पूछताछ के लिए समन भेजने के पक्ष में वोट किया था. दूसरी ओर व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद और बिना किसी भरोसेमंद सबूत वाला बताया है. डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि एपस्टीन के साथ उनके संबंध 2000 के दशक में ही खत्म हो गए थे. 

डोनाल्ड ट्रंप ने हमेशा यह दावा किया है कि उन्हें जेफरी एपस्टीन द्वारा कम उम्र की लड़कियों के यौन शोषण के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. फिलहाल, इन नई फाइलों ने अमेरिका की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है. पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से इन आरोपों को सिरे से नकार दिया गया है.

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