संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े एक और तेल टैंकर को जब्त कर लिया है. यह कार्रवाई कैरिबियन सागर में की गई है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो के बीच अहम बैठक होने वाली है.
अधिकारियों ने बताया कि हाल के हफ्तों में यह छठा ऐसा जहाज है, जिसे अमेरिका ने पकड़ा है. ये सभी टैंकर या तो वेनेजुएला का तेल ले जा रहे थे या पहले किसी समय वेनेजुएला का तेल ढो चुके थे. नाम न बताने की शर्त पर अधिकारियों ने कहा कि यह ऑपरेशन तड़के अंजाम दिया गया और Veronica नाम के टैंकर को बिना किसी टकराव के अपने कब्जे में ले लिया गया.
प्रतिबंधों का उल्लंघन करता मिला टैंकर Veronica
अमेरिकी सेना के दक्षिणी कमांड ने बताया कि Veronica राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा तय किए गए प्रतिबंधित जहाजों के क्वारंटाइन नियमों का उल्लंघन कर रहा था. सेना ने साफ कहा कि वेनेजुएला से वही तेल बाहर जाएगा, जो पूरी तरह कानूनी और सही तरीके से समन्वय के तहत भेजा जाएगा.
मादुरो को हटाने की रणनीति का हिस्सा
अमेरिका द्वारा की जा रही यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से बाहर करना था. जनवरी की शुरुआत में अमेरिकी बलों ने मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया था. इसके बाद ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर लंबे समय तक नियंत्रण रखेगा, ताकि वहां के कमजोर तेल उद्योग को फिर से खड़ा किया जा सके.
शैडो फ्लीट पर अमेरिका की सख्ती
अब तक जिन जहाजों को जब्त किया गया है, वे या तो अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं या फिर तथाकथित शैडो फ्लीट का हिस्सा हैं. ये ऐसे जहाज होते हैं, जो अपनी असली पहचान और स्रोत छुपाकर ईरान, रूस और वेनेजुएला जैसे देशों का तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाते हैं. प्रतिबंधों से बचने के लिए ये जहाज अक्सर झूठे झंडे और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हैं.
रूसी टैंकर की जब्ती पर मचा था बवाल
पिछले सप्ताह अमेरिका ने एक रूसी झंडे वाला तेल टैंकर भी जब्त किया था. इस जहाज का अटलांटिक महासागर में दो हफ्तों से ज्यादा समय तक पीछा किया गया था और इसे रूसी पनडुब्बी द्वारा सुरक्षा भी दी जा रही थी. इस कार्रवाई को लेकर रूस ने कड़ी नाराजगी जताई थी.
ट्रंप-माचाडो बैठक से पहले बढ़ा सियासी दबाव
ताजा टैंकर जब्ती ऐसे समय सामने आई है, जब ट्रंप और मारिया कोरीना माचाडो की पहली आमने-सामने बैठक होने जा रही है. मादुरो को हटाए जाने के बाद यह दोनों की पहली मुलाकात है. ट्रंप पहले माचाडो को स्वतंत्रता सेनानी कह चुके हैं, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया है कि मादुरो के बाद वेनेज़ुएला की कमान माचाडो को सौंपने के पक्ष में नहीं हैं.
सीआईए रिपोर्ट और वैश्विक असर
वहीं ट्रंप का कहना है कि माचाडो के पास पर्याप्त घरेलू समर्थन नहीं है. एक गोपनीय सीआईए आकलन में भी कहा गया है कि मादुरो के समर्थक फिलहाल देश में स्थिरता बनाए रखने की बेहतर स्थिति में हैं. टैंकर जब्ती की इस कार्रवाई से वैश्विक ऊर्जा नीति और तेल व्यापार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, खासकर उन देशों पर जो अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं.
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