Iran-US Ceasefire Talks Highlights: अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता का पहला दौर पूरा हो गया है. यह बातचीत करीब चार घंटे तक चली, जिसमें कुल तीन मुल्क शामिल थे. पाकिस्तान ने इस मीटिंग की मेजबानी की. बातचीत का मुख्य फोकस 'पश्चिम में सीजफायर को मजबूत करना', 'लेबनान में चल रहे युद्ध को रोकना' और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना' था.
अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने टीम की अगुवाई की. उनके साथ जारेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी मौजूद थे. वहीं, ईरान की तरफ से विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ ने नेतृत्व किया. पाकिस्तान की तरफ से प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने मेजबानी की.
बातचीत के दौरान माहौल थोड़ा तनावपूर्ण रहा. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी जहाजों पर हमले की धमकी दी और साथ ही अपने फ्रीज़ एसेट्स खोलने की मांग दोहराई. दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है और वहां जहाजों की आवाजाही को रोका नहीं जा सकता. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस रास्ते को खुला रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा. इस्लामाबाद में हुई बातचीत में तनाव था, लेकिन दोनों पक्षों ने संकेत दिए हैं कि वे आगे भी बातचीत जारी रखेंगे. पाकिस्तान ने उम्मीद जताई है कि इससे स्थायी शांति की दिशा में रास्ता निकलेगा.
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देश की नेशनल न्यूज़ एजेंसी (NNA) की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान के टेफ़ाहटा में पहले हुए एक इज़रायली हवाई हमले में अब तक कुल 13 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है.
NNA ने यह भी बताया कि पिछले कुछ घंटों में दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में इज़राइल ने नए हमले किए हैं, जिनमें कफ़र टेबनिट, सरीफ़ा, देबाल, अज़-ज़रारिया, बिंत जबील, अर्ज़ून और अब्बासियेह शामिल हैं.
अमेरिका-इज़रायल युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान के द्वारा बंद किए गए खाड़ी का जलमार्ग होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की शिपमेंट के लिए एक प्रमुख ट्रांज़िट पॉइंट है.
अब तक की सबसे बड़ी इस रुकावट ने महंगाई बढ़ा दी है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को धीमा कर दिया है. इसका असर महीनों तक रहने की उम्मीद है, भले ही बातचीत करने वाले इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में सफल हो जाएं.
इस्लामाबाद में हुई वार्ता में अमेरिका और इजरायल ने होर्मुज स्ट्रेट पर कई तरह की मांग रखी है.
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खतम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने CENTCOM के उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी जहाज़ों ने होर्मुज़ स्ट्रेट को पार किया है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि होर्मुज से किसी भी जहाज़ के गुज़रने की अनुमति देने का अधिकार केवल ईरानी सशस्त्र बलों के हाथों में है.
नेतन्याहू ने वादा किया कि ईरान के ख़िलाफ़ इज़रायल का सैन्य अभियान अभी ख़त्म नहीं हुआ है, भले ही इज़रायल ने पहले ही वे उपलब्धियां हासिल कर ली हैं. उन्होंने कहा, “हमने उन पर हमला किया है और अभी हमें और भी बहुत कुछ करना है.”
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