'कैसे पता करेंगे कि भारत रूसी तेल नहीं खरीद रहा...', अमेरिका में उठे सवाल, फंस गई ट्रंप सरकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करेगा, लेकिन अमेरिका के अंदर भी इस पर संदेह है. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की उपसमिति में विदेश विभाग ने दावा किया कि भारत रूसी तेल की खरीद कम कर रहा है, लेकिन इस पर स्पष्टता नहीं है.

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अमेरिका में सवाल उठ रहे हैं कि भारत के रूसी तेल खरीद का हिसाब कैसे रखा जाए (Photo: Reuters) अमेरिका में सवाल उठ रहे हैं कि भारत के रूसी तेल खरीद का हिसाब कैसे रखा जाए (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:34 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा तो कर दी कि ट्रेड डील के तहत भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा लेकिन इस पर शक खुद अमेरिका को भी हो रहा है. भारत ने रूसी तेल की खरीद रोकने को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. अमेरिका में अब सवाल उठ रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन भारत के रूसी तेल आयात पर सीमाएं कैसे तय करेगा और उनकी निगरानी कैसे की जाएगी.

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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की एक उपसमिति की सुनवाई के दौरान विदेश विभाग ने दावा किया कि भारत रूसी तेल की खरीद कम कर रहा है. हालांकि, इस दावे पर कोई स्पष्टता नहीं दी गई. साउथ एंड सेंट्रल एशिया पर आयोजित सुनवाई में रिपब्लिकन सांसद कीथ सेल्फ ने ट्रंप प्रशासन से पूछा कि क्या भारत अब भी रूसी तेल खरीद रहा है और यूक्रेन में रूस के युद्ध को फंड कर रहा है.

सेल्फ ने कहा, 'रूस तेल बेच रहा है और उससे यूक्रेन में युद्ध को फंड कर रहा है.' उन्होंने पूछा कि अमेरिका यह कैसे पता लगाएगा कि भारत ने सच में रूसी तेल की खरीद कम की है या नहीं.

अमेरिका कैसे पता लगाएगा कि भारत ने रूसी तेल की खरीद रोक दी है?

तेल पर कई तरह के प्रतिबंधों के बावजूद, रूस ने अपने तेल को बेचने का रास्ता निकाल लिया है. सेल्फ ने थर्ड-पार्टी ट्रेडर्स, मिक्स्ड कार्गो, शिप-टू-शिप ट्रांसफर और तथाकथित ‘घोस्ट शिप्स’ का जिक्र किया, जिनका इस्तेमाल अक्सर कच्चे तेल के सोर्स को छिपाने के लिए किया जाता है.

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ट्रंप की पार्टी के सांसद ने सवाल किया, 'आप यह कैसे पता लगाएंगे कि भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद किया है?' जवाब में साउथ और सेंट्रल एशियाई मामलों के लिए सहायक विदेश मंत्री पॉल कपूर ने स्वीकार किया कि उन्हें नहीं पता कि इसका पता कैसे लगाया जाए.

कपूर ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि इसे व्यावहारिक रूप से कैसे लागू किया जाएगा. मैं इस मुद्दे पर आपसे बातचीत करने को तैयार हूं.'

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत 'धीरे-धीरे अपनी सोर्सिंग स्ट्रैटेजी में बदलाव कर रहा है.'

उन्होंने सांसदों से कहा, 'भारत रूसी तेल की खरीद कम कर रहा है और अपने स्रोतों में विविधता ला रहा है, जो कि हम चाहते थे. भारत ने अमेरिका से एनर्जी की खरीद को बढ़ाया है.'

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