अमेरिका ने इक्वाडोर में आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया है. पेंटागन ने मंगलवार रात कहा कि अमेरिका और इक्वाडोर ने दक्षिण अमेरिकन देश में 'आतंकी संगठनों' के खिलाफ ज्वाइंट मिलिट्री एक्शन शुरू किया गया है. ऐसा लग रहा है कि यह कैरेबियन सागर और ईस्टर्न पैसिफिक में उन नावों पर यूएस मिलिट्री के एकतरफा हमलों का एक बड़ा हिस्सा है,जिन पर ट्रंप प्रशासन ने ड्रग्स ले जाने का आरोप लगाया था.
एक अमेरिका अधिकारी के मुताबिक यूएस और इक्वोडर का ज्वाइंट ऑपरेशन लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में पार्टनर्स के नार्को-टेररिज्म के खतरे से लड़ने की प्रतिबद्धता का उदाहरण है. यूएस स्पेशल फोर्सेज के सैनिक देश भर में संदिग्ध ड्रग शिपमेंट फैसिलिटीज़ और ड्रग से जुड़ी दूसरी जगहों पर रेड करने में इक्वाडोर के कमांडो को सलाह और सपोर्ट दे रहे हैं, जिन्होंने ऑपरेशनल मामलों पर चर्चा करने के लिए नाम न बताने की शर्त पर बात की.
अधिकारी ने कहा कि माना जा रहा है कि अमेरिकी असली रेड में हिस्सा नहीं ले रहे हैं, लेकिन वे इक्वाडोर के सैनिकों को उनके ऑपरेशन की प्लानिंग करने में मदद कर रहे हैं, और इंटेलिजेंस और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट दे रहे हैं. हम सब मिलकर उन नार्को-टेररिस्ट का सामना करने के लिए जरूरी एक्शन ले रहे हैं, जिन्होंने लंबे समय से पूरे हेमिस्फेयर में लोगों पर आतंक और हिंसा फैला रखा है.
मिलिट्री के साउथ कमांडर जनरल फ्रांसिस एल डोनोवन ने कहा कि हम इक्वाडोर की आर्म्ड फोर्स के पुरुषों और महिलाओं की इस लड़ाई के लिए उनके प्रतिबद्धता के लिए तारीफ करते हैं, जिन्होंने अपने देश में नार्को-टेररिस्ट के खिलाफ निरंतर कार्रवाई के माध्यम से साहस और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया है.
मिलिट्री के साउथ कमांड के द्वारा जारी किए गए 30 सेकंड के वीडियो में एक हेलीकॉप्टर सुबह या शाम को उड़ान भरता हुआ, एक इलाके के ऊपर से उड़ता हुआ,फिर सैनिकों को उठाता हुआ दिख रहा है. यूएस अधिकारी ने कहा कि वीडियो में देश भर में होने वाली कई रेड्स की पहली रेड दिखाई गई है, कुछ में पास में मौजूद यूएस सलाहकार मदद कर रहे थे, कुछ में सिर्फ़ इक्वाडोर की सेनाएं थीं.
अधिकारी ने कहा कि इस मामले में, जिसमें ज़्यादातर इक्वाडोर की सेनाएं शामिल थीं, यह साफ़ नहीं था कि मिशन का मकसद क्या था या यह सफल हुआ या नहीं.यूनाइटेड स्टेट्स साउथ कमांड ने एक बयान में कहा कि ये ऑपरेशन लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में पार्टनर्स के नार्को-टेररिज़्म के खतरे से लड़ने के कमिटमेंट का एक मज़बूत उदाहरण हैं, जिसमें ऑपरेशन्स के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई. हालांकि, व्हाइट हाउस ने मिलिट्री एक्टिविटी पर तुरंत कोई कमेंट नहीं किया.
बता दें कि इक्वाडोर दुनिया में ड्रग का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है, इसे प्रोड्यूस नहीं करता, लेकिन कोलंबिया और पेरू में इसे ऑपरेट करने वाले क्रिमिनल ग्रुप्स के लिए ट्रैफिकिंग रूट का काम करता है.जनरल डोनोवन ने कार्टेल से लड़ने में देश की भूमिका की तारीफ की और इक्वाडोर को इस इलाके में घोषित आतंकवादी संगठनों को रोकने और खत्म करने में यूनाइटेड स्टेट्स के सबसे मजबूत सहयोगी बताया.
aajtak.in