रूसी इलाके में 30 KM अंदर घुसे यूक्रेनी सैनिक... हुई जबरदस्त फायरिंग और ड्रोन से अटैक, पुतिन को घोषित करनी पड़ी इमरजेंसी!

Ukraine Russia War: युद्धों का अध्ययन करने वाले स्वतंत्र संस्थान, इंस्टीट्यूट फॉर स्टडी ऑफ वॉर (ISW) ने कहा है कि यूक्रेनी सैनिक, टैंक और बख्तरबंद वाहनों सहित रूसी क्षेत्र में घुसे हैं और निश्चित रूप से ऐसा लगता है कि वे उस क्षेत्र को नियंत्रित कर रहे हैं.

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यूक्रेनी सैनिक रूस के कुर्स्क ओब्लास्ट क्षेत्र में 30 किलोमीटर अंदर तक घुसे. (File Photo: AP/Sergei Grits) यूक्रेनी सैनिक रूस के कुर्स्क ओब्लास्ट क्षेत्र में 30 किलोमीटर अंदर तक घुसे. (File Photo: AP/Sergei Grits)

aajtak.in

  • कीव,
  • 10 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 8:47 AM IST

यूक्रेन और रूस के बीच पिछले करीब ढाई वर्षों से चल रही जंग में उस वक्त बड़ा मोड़ आ गया, जब यूक्रेन की सेना अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके रूसी क्षेत्र में 30 किलोमीटर से अधिक अंदर घुस गई. करीब 1000 से अधिक यूक्रेनी सैनिक, उत्तर-पूर्व यूक्रेन के सुमी ओब्लास्ट क्षेत्र से रूसी सीमा में घुसे और उसके कुर्स्क ओब्लास्ट क्षेत्र पर कब्जा कर लिया. कीव ने दुश्मन के इलाके में जबरदस्त आर्टिलरी फायर और ड्रोन हमले किए.

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यूक्रेनी सेना की यह कार्रवाई रूस के लिए एक बड़ा झटका है. मॉस्को अब यूक्रेनी सेना को और आगे बढ़ने से रोकने के लिए इलाके में अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है. यूक्रेन के इस ऑपरेशन का उद्देश्य स्पष्ट नहीं है, लेकिन फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से, व्लादिमीर पुतिन और रूस के सामने उसने यह सबसे बड़ी चुनौती पेश की है. जहां यूक्रेन ने अपने इस आक्रामक रुख पर काफी हद तक चुप्पी साध रखा है.

व्लादिमीर पुतिन को घोषित करनी पड़ी इमरजेंसी

इस बीच, रूस ने कुर्स्क ओब्लास्ट क्षेत्र में इमरजेंसी की घोषणा की है और इलाके की रक्षा के लिए सैनिकों की संख्या बढ़ाई है. युद्धों का अध्ययन करने वाले स्वतंत्र संस्थान, इंस्टीट्यूट फॉर स्टडी ऑफ वॉर (ISW) ने कहा है कि यूक्रेनी सैनिक, टैंक और बख्तरबंद वाहनों सहित रूसी क्षेत्र में घुसे हैं और निश्चित रूप से ऐसा लगता है कि वे उस क्षेत्र को नियंत्रित कर रहे हैं. रूसी सैनिक, फेडरल सिक्योरिटी बॉर्डर सर्विस के जवाब, और चेचन मर्सिनरी (रूस के लिए लड़ने वाले चेचन्याई लड़ाके), कुर्स्क क्षेत्र में तैनात हैं. यूक्रेनी सैनिक उनके सुरक्षा घेरे को तोड़ने और आगे बढ़ने में सफल रहे.

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रूसी सैनिकों के सरेंडर करने का वीडियो वायरल

आईएसडब्ल्यू के मुताबिक 8 अगस्त तक यूक्रेनी सैनिक कुर्स्क ओब्लास्ट क्षेत्र के स्वेर्द्लिकोवो, सुद्जा, मलाया और ल्यूबिमोव्का में पहुंच चुके थे. व्लादिमीर पुतिन ने इस घुसपैठ को कीव द्वारा 'बड़े पैमाने पर उकसावे की कार्रवाई' करार दिया है और रूस के शीर्ष जनरल ने इसे कुचलने की कसम खाई है. इधर यूक्रेन के रक्षा बलों ने 7 अगस्त को एक वीडियो जारी किया, जिसमें रशियन फेडरल सिक्योरिटी बॉर्डर सर्विस के जवानों को कुर्स्क क्षेत्र में सुद्जा बॉर्डर क्रॉसिंग पर आत्मसमर्पण करते हुए दिखाया गया है.

रूस ने कुर्स्क ओब्लास्ट क्षेत्र में भेजा रिइंफोर्समेंट

रॉयटर्स ने इमारतों, संकेतकों, सड़क चिह्नों और लेआउट के जरिए वीडियो को सत्यापित किया है और कहा है कि यह रूस के कुर्स्क क्षेत्र में सुद्जा बॉर्डर क्रॉसिंग का है. रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह कुर्स्क में और अधिक बल और हथियार भेज रहा है, जहां यूक्रेनी सैनिक सीमा पार कर रूसी क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं. रूस की स्टेड मीडिया ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने कुर्स्क के सुदजानस्की में बीएम-21 ग्रैड मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर, तोपें, टैंक और मिलिट्री ट्रक भेजे हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि यूक्रेन ने इस क्षेत्र में हमला करके रूसी सैनिकों को चौंका दिया.

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'रूस को युद्ध का परिणाम महसूस होना चाहिए'

कुर्स्क में लड़ाई धीरे-धीरे परमाणु ऊर्जा संयंत्र के करीब पहुंच गई है, जिससे संयुक्त राष्ट्र परमाणु एजेंसी को एक बयान जारी करना पड़ा, जिसमें दोनों पक्षों से 'अधिकतम संयम बरतने' का आग्रह किया गया है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने दोनों पक्षों से 'गंभीर रेडियोलॉजिकल परिणामों की संभावना वाले परमाणु दुर्घटना से बचने के लिए' उपाय करने की अपील की है. यूक्रेन ने खुले तौर पर घुसपैठ की बात स्वीकार नहीं की है, लेकिन राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक बयान में कहा है कि रूस को भी अपने हमले के परिणामों को 'महसूस' करना चाहिए.

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