यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि वे रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ वार्ता के लिए कहीं भी और कभी भी (Any time, any format) तैयार हैं. लगभग चार साल से चल रहे यूक्रेन-रूस जंग में शांति स्थापित करने के लिए यह एक अहम घटनाक्रम है. यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के बीच सीधी बातचीत के लिए जोर दे रहे हैं ताकि चार साल से चल रहे हमले को खत्म करने की डिप्लोमैटिक कोशिशों में नई तेजी आ सके.
कीव के शीर्ष राजनयिक के एंड्री सिबिहा अनुसार युद्ध से जूझ रहा उनका देश ज़ेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सीधी, आमने-सामने की बातचीत चाहता है. इस राजनयिक ने इस संभावित शिखर सम्मेलन को यूक्रेन में रूस के चार साल से भी ज़्यादा समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में हो रहे प्रयासों में नई जान डालने का एक तरीका बताया.
कीव के टॉप डिप्लोमैट एंड्री सिबिहा ने कन्फर्म किया कि यूक्रेन ने तुर्की और दूसरे देशों से रूस और बेलारूस को छोड़कर ऐसी समिट को आसान बनाने और होस्ट करने के लिए कहा है. यह डिप्लोमैटिक कोशिश ऐसे समय के बाद हो रही है जब मॉस्को और कीव के बीच US की मध्यस्थता वाली बातचीत में जरूरी मुद्दों पर बहुत कम प्रोग्रेस हुई है और यह अभी रुकी हुई है.
एंड्री सिबिहा ने कहा कि हम कूटनीति को नई गति देने के लिए अभी एक शिखर बैठक की वकालत कर रहे हैं. पिछले एक साल में मॉस्को और कीव के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से हुई बातचीत में मुख्य मुद्दों पर बहुत कम प्रगति हुई है. इन मुद्दों में यूक्रेन के उन चार क्षेत्रों की स्थिति भी शामिल है जिन पर रूस पूरी तरह नियंत्रण चाहता है, लेकिन जिन पर उसने पूरी तरह कब्ज़ा नहीं किया है.
बता दें कि वॉशिंगटन का ध्यान अभी ईरान संघर्ष पर केंद्रित है, इसलिए यूक्रेन वॉर को लेकर कूटनीतिक प्रयास काफी हद तक रुक गए हैं. जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित बिना शर्त संघर्ष विराम पर सहमति जताई है, लेकिन पुतिन ने इसे खारिज कर दिया है.
इसी बीच रूस के अंदर यूक्रेन के एक ड्रोन अटैक में सिजरान में एक रिहायशी बिल्डिंग पर हमला हुआ जिसमें एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई और 12 दूसरे घायल हो गए.
विश्लेषकों का कहना है कि प्रेसिडेंट पुतिन का मानना है कि ये समय रूस के पक्ष में है और उन्हें यूक्रेन के लिए पश्चिमी मिलिट्री और फाइनेंशियल सपोर्ट में कमी आने का अंदाजा है.
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