ICE एजेंट्स की फायरिंग में एक की मौत... मिनियापोलिस में तनाव, ट्रंप बोले- लोगों को भड़का रहे गवर्नर और मेयर

राष्ट्रपति ट्रंप ने पूछा कि मिनियापोलिस में इमिग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट (ICE) अधिकारियों की सुरक्षा के लिए आखिर स्थानीय पुलिस को क्यों तैनात नहीं किया गया?

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अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (Photo- AP) अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (Photo- AP)

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 25 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:42 AM IST

अमेरिका में मिनेसोटा के मिनियापोलिस में ICE एजेंट की गोली से एक शख्स की मौत से वहां तनाव है. इस घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज में ठन गई है.

ट्रंप ने मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज और मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे (दोनों डेमोक्रेट नेता) पर विद्रोह भड़काने का आरोप लगाया. वहीं, वॉल्ज ने राज्य में ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी की तीखी आलोचना की.

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ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सोशल ट्रूथ पर लिखा, 'मेयर और गवर्नर अपनी घमंडी, खतरनाक और अहंकारी बयानबाजी से विद्रोह भड़का रहे हैं. लोगों को भड़काने के बजाय इन मूर्खों को मिनेसोटा और अमेरिका के लोगों से चुराए गए अरबों डॉलर खोजने चाहिए.' ट्रंप ने एक ICE एजेंट की उंगली की दो तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसे कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों में से एक ने काट लिया था.

'स्थानीय पुलिस को क्यों तैनात नहीं किया गया?'
ट्रंप ने सवाल उठाया कि इमिग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट (ICE) अधिकारियों की सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस को क्यों तैनात नहीं किया गया? उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों को अपना काम करने से रोका गया.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'यह बंदूक हमलावर की है. यह बंदूक लोडेड (दो अतिरिक्त भरी हुई मैगज़ीन के साथ) और इस्तेमाल के लिए तैयार है... यह सब क्या है? स्थानीय पुलिस कहां थी? उन्हें ICE अधिकारियों की सुरक्षा करने की अनुमति क्यों नहीं दी गई? क्या मेयर और गवर्नर ने उन्हें वापस बुला लिया?'

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ट्रंप ने मृतक को हथियारबंद बताते हुए कहा कि ICE एजेंट्स को आत्मरक्षा में कार्रवाई करनी पड़ी.

मिनियापोलिस में फेडरल एजेंट्स की कार्रवाई के बाद तनाव (Photo: AP)

'ICE देशभक्तों को अपना काम करने दीजिए'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में लिखा, 'जिन धोखेबाजों ने पैसा चुराया है, वे जेल जाएंगे. वहीं उनकी जगह है. यह बैंक डकैती से अलग नहीं है.'

ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि फेडरल एजेंट्स की कार्रवाइयों की सार्वजनिक आलोचना चोरी और धोखाधड़ी को छिपाने का बहाना है. मिनेसोटा के नेता घमंडी, खतरनाक और अहंकारी बयानबाजी से विद्रोह भड़का रहे हैं. ऐसे में हमारे ICE देशभक्तों को अपना काम करने दीजिए.

डेमोक्रेट गवर्नर ने ट्रंप के फैसले पर उठाए सवाल
इधर, मिनेसोटा के डेमोक्रेट गवर्नर टिम वॉल्ज ने संघीय कार्रवाइयों की निंदा की और अभियानों को तत्काल रोकने की मांग की. वॉल्ज़ ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'यह बिल्कुल गलत है. राष्ट्रपति ( डोनाल्ड ट्रंप) को यह अभियान समाप्त करना चाहिए. हजारों हिंसक, अप्रशिक्षित अधिकारियों को मिनेसोटा से तुरंत बाहर निकालिए'.

इस घटना ने मिनेसोटा में संघीय आव्रजन प्रवर्तन के विस्तार के साथ राज्य अधिकारियों और ट्रंप प्रशासन के बीच तनाव को और बढ़ा दिया, जिस पर स्थानीय नेताओं की कड़ी आलोचना और व्हाइट हाउस की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.

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बता दें कि फेडरल एजेंट्स की फायरिंग में जिस शख्स की जान गई, वह घटना मिनियापोलिस के दक्षिण हिस्से में हुई. स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं. उन्होंने लोगों से शांत रहने और उस इलाके से दूर रहने का आग्रह किया.

रेनी गुड की हत्या पर उबल पड़े थे अमेरिकी
ये घटना ट्रंप प्रशासन के बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे एंटी इमिग्रेशन ऑपरेशन के दौरान हुई. इससे पहले सात जनवरी को 37 साल की रेनी गुड नाम की महिला को आईसीई अधिकारी ने गोली मार दी थी, जिसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था. 

ये सारा बवाल तब शुरू हुआ था, जब ICE एजेंट की गोली से 37 साल की रेनी गुड की मौत हो गई. रेनी गुड तीन बच्चों की मां थी.

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने दावा किया था कि वह महिला दंगाई थी और उसने एजेंट को गाड़ी से कुचलने की कोशिश की थी. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उस समय ICE एजेंट का बचाव किया था.

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