अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका ईरान में यूरेनियम एनरिचमेंट पूरी तरह बंद कराने की दिशा में काम करेगा. इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिए कि टैरिफ और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत को लेकर बातचीत शुरू हो चुकी है. हालांकि ट्रंप ने उन देशों को भी झटका दिया है, जो अमेरिका को हथियार देंगे.
बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर ट्रंप ने कहा कि हाल ही में हुए संघर्ष के बाद जो सीजफायर हुआ, वह एक बेहद अच्छा बदलाव साबित हुआ है. उन्होंने दावा किया कि अब अमेरिका और ईरान मिलकर आगे की दिशा में काम करेंगे और एक बड़े समझौते के कई अहम बिंदुओं पर सहमति भी बन चुकी है.
ट्रंप के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान में किसी भी तरह का यूरेनियम एनरिचमेंट नहीं होगा. उन्होंने कहा, 'कोई भी एनरिचमेंट नहीं होगा और अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर गहराई में दफन यूरेनियम अवशेषों को खोदकर निकालेगा और खत्म करेगा.'
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के परमाणु ठिकाने अभी भी सैटेलाइट की कड़ी निगरानी में हैं और हमले के बाद से वहां कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है. इससे साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है.
टैरिफ और प्रतिबंधों पर बातचीत
ट्रंप ने कहा कि आने वाले समय में आर्थिक मुद्दे इस बातचीत का अहम हिस्सा होंगे. उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच टैरिफ में कमी और प्रतिबंधों में राहत को लेकर चर्चा जारी है. उन्होंने कहा, 'हम टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत पर बात कर रहे हैं और आगे भी करेंगे.'
हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि प्रस्तावित समझौते के 15 बिंदुओं में क्या-क्या शामिल है, लेकिन इतना जरूर कहा कि उनमें से कई पर पहले ही सहमति बन चुकी है. लेकिन इसी के साथ ट्रंप ने एक बड़ी चेतावनी भी दे दी. एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा, 'जो भी देश ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करेगा, उस पर अमेरिका 50% टैरिफ लगाएगा. इसमें कोई छूट या रियायत नहीं मिलेगी.'
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