नए साल के पहले दिन स्विट्जरलैंड में हुए ब्लास्ट पर पुलिस का बयान आया है. पुलिस के मुताबिक, इस ब्लास्ट में 40 लोगों की मौत हुई है और 100 से ज्यादा लोग घायल हैं. दूसरी तरफ किसी हमले या आतंकी धमाके के एंगल को नकारा भी गया है.
स्विट्जरलैंड पुलिस के मुताबिक, 'न्यू ईयर पर स्विस बार में हुई घटना में 40 लोगों की मौत हुई है. 100 से ज्यादा घायल हैं. लेकिन इसकी वजह बता पाना अभी जल्दबाजी होगी. लेकिन इसके पीछे हमले की बात को हम नकारते हैं.'
जिस बार में ये घटना हुई वह काफी आलीशान है. इसका नाम ले कॉन्स्टेलेशन बार एंड लाउंज है. ये क्रान्स-मोंटाना के शहर में स्थित है. स्विस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना को आगजनी माना जा रहा है, न कि आतंकवादी हमला.
विस्फोट के वक्त बार में 150 से ज्यादा लोग मौजूद थे, यह विस्फोट बार के बेसमेंट में हुआ था. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब स्विट्जरलैंड असामान्य सूखे के दौर के बीच जंगल की आग से जूझ रहा है.
अधिकारी ने बताया है कि फिलहाल धमाके की वजह की जांच चल रही है. जांचकर्ता फिलहाल इस एंगल पर काम कर रहे हैं कि यह घटना आग लगने की वजह से हुई थी. अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि इस स्तर पर किसी भी हमले का कोई संकेत नहीं है.
फिलहाल पीड़ितों की पहचान करने और उनके शवों को जल्द उनके परिवारों को सौंपने की कोशिश जारी है. फिलहाल आसपास का इलाका सील है और वहां फोरेंसिक टीम अपना काम कर रही है.
मशहूर टूरिस्ट प्लेस है क्रान्स-मोंटाना
जिस क्रान्स-मोंटाना जगह पर ये हादसा हुआ है, वो मनमोहक स्विस आल्प्स पर्वतमाला पर है. ये बेहद लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और गोल्फ जैसी गतिविधियों के लिए दुनिया भर से पर्यटकों यहां पहुंचते हैं. यह स्की रिसॉर्ट स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न से लगभग दो घंटे की दूरी पर है.
बता दें कि हर साल, स्विट्जरलैंड को जंगल की आग के खतरे से जूझना पड़ता है, खासकर गर्म और शुष्क मौसम के दौरान. वास्तव में, 2001 से 2024 तक, स्विट्जरलैंड ने आग के कारण अपने वन क्षेत्र का 3 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खो दिया.
aajtak.in