भारत-चीन के तेल टैंकर सेफ! होर्मुज संकट पर अब नाटो बना रहा बड़ा प्लान

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बाधित होना अमेरिका के लिए लगातार चुनौती बनता जा रहा है. नाटो ने इस संकट का समाधान खोजने के लिए सामूहिक कोशिशों की बात कही है. इस बीच अमेरिकी इंटेलिजेंस चीफ ने जानकारी दी कि चीन और भारत के टैंकर इस मार्ग से गुजरने में सफल रहे हैं.

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NATO के महासचिव ने बताया कि नाटो के सदस्य देश मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए योजना बना रहे हैं. (File Photo: Reuters) NATO के महासचिव ने बताया कि नाटो के सदस्य देश मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए योजना बना रहे हैं. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:30 PM IST

अमेरिका-इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद से ही भयानक युद्ध जारी है. आज इस युद्ध को 19 दिन हो चुके हैं. जारी जंग का असर पूरी दुनिया में दिखाई दे रहा है. जंग के चलते तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन अभी तक इस युद्ध के थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब अमेरिका की अर्थव्यवस्था और राजनीति पर भी दिखने लगा है. ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते जहाज़ों की आवाजाही रोकने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बाधित होना अमेरिका के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. अमेरिका सीधे तौर पर इस मार्ग से अधिक तेल आयात नहीं करता, लेकिन यह वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम केंद्र माना जाता है.

दुनिया का लगभग 20-22% कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद इस मार्ग से होकर गुजरते हैं. बता दें, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित है. यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है.

यह भी पढ़ें: जंग थमेगी या ईरान और हार्डलाइन होगा? फरीद जकारिया ने समझाया युद्ध आगे किस दिशा में बढ़ेगा

अगर यह मार्ग बाधित होता है तो इसका असर अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ता है. इस बीच अब NATO के महासचिव ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अहम जानकारी दे दी है.

NATO के महासचिव मार्क रूटे ने कहा नाटो के सदस्य देश मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए सामूहिक रास्ता खोजने की कोशिश कर रहे हैं.

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वहीं, अमेरिकी इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबैर्ड ने कहा, "कुछ रिपोर्ट्स मिली हैं कि चीन, भारत और अन्य देशों के टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने में सक्षम रहे हैं, लेकिन उनका वास्तविक मात्रा स्पष्ट नहीं है."

कतर में LNG सुविधाओं पर हमला

कतर में रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमले किए गए हैं. इसमें पर्ल GTL (गैस-टू-लिक्विड्स) सुविधा को भारी नुकसान हुआ था. आज 19 मार्च को भी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सुविधाओं को मिसाइल हमलों का निशाना बनाया गया. इन हमलों के कारण बड़े पैमाने पर आग लगी और भारी नुकसान हुआ है.

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