टूट गई डोनाल्ड ट्रंप की नाकेबंदी? US की धमकियों के बावजूद चीनी टैंकर ने पार किया होर्मुज

डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी के दावे के बीच एक प्रतिबंधित चीनी टैंकर का गुजरना कई सवाल खड़े करता है. होर्मुज स्ट्रेट से जहाज का निकलना बताता है कि अमेरिकी दबाव के बावजूद व्यापार पूरी तरह नहीं रुका है और नाकेबंदी उतनी असरदार नहीं दिख रही.

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चीन का ये जहाज 250,000 बैरल मेथनॉल ले जा रहा है (फाइल फोटो) चीन का ये जहाज 250,000 बैरल मेथनॉल ले जा रहा है (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:51 PM IST

ईरान संग तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज में US नाकेबंदी का दावा कर रहे हैं. लेकिन ये नाकेबंदी कमजोर पड़ती दिख रही है. शिपिंग डेटा से पता चला है कि अमेरिका की तरफ से प्रतिबंधित एक चीनी टैंकर मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरा. अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद जहाज का निकलना सवाल खड़े करता है.

मरीनट्रैफिक और केप्लर के डेटा से पता चला है कि चीनी टैंकर रिच स्टारी (Rich Starry) नाकाबंदी शुरू होने के बाद से होर्मुज को पार करके खाड़ी से बाहर निकलने वाला पहला जहाज होगा.

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दरअसल, ईरान के साथ व्यापार करने की वजह से टैंकर और उसके मालिक शंघाई ज़ुआनरुं शिपिंग कंपनी लिमिटेड पर संयुक्त राज्य अमेरिका की तरफ से प्रतिबंध लगाया गया था.

रिच स्टारी एक मीडियम साइज का टैंकर है जो लगभग 250,000 बैरल मेथनॉल ले जा रहा है. आंकड़ों से पता चलता है कि इसने संयुक्त अरब अमीरात के हमरियाह बंदरगाह पर अपना माल लोड किया था. डेटा से पता चला है कि चीनी स्वामित्व वाले टैंकर पर चीनी चालक दल के सदस्य मौजूद हैं.

अन्य डेटा के मुताबिक, अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित एक दूसरा टैंकर मुरलीकिशन भी मंगलवार को होर्मुज में दाखिल हुआ. ये खाली टैंकर 16 अप्रैल को इराक में तेल लोड करेगा ऐसा अंदाजा है. पहले एमकेए के नाम से जाना जाने वाला यह पोत रूसी और ईरानी तेल ले जाता था.

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नाकेबंदी पर ईरान और अमेरिका आमने-सामने

अमेरिकी सेना ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी, जिससे तेहरान नाराज हो गया. इससे होर्मुज को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई. हालांकि, युद्ध कब खत्म होगा ये भी अब साफ नहीं है. इसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ही घूम रही हैं.

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका के बीच हुई वार्ता विफल होने के बाद, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि समझौते तक पहुंचने के प्रयासों में निरंतर बातचीत और प्रगति जारी है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि संघर्ष को सुलझाने की कोशिश अभी भी जारी हैं. अब सामने आया है कि दूसरे दौर की वार्ता इसी गुरुवार (16 अप्रैल) को हो सकती है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को नया दावा भी किया था. इसमें उन्होंने कहा कि ईरान ने सोमवार को उनसे बात की थी और वह एक एक समझौता करना चाहता था, लेकिन ट्रंप तेहरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति देने वाले किसी भी समझौते को मंजूरी नहीं देंगे.

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