'मम्मी मुझे गोली मार दी गई...', कैद का दर्द लेकिन रिहाई पर मुस्कुराहट, 471 दिन बाद हमास के चंगुल से छूटीं रोमी, डोरोन और इमीली की कहानी

इजरायल और हमास के बीच हुए समझौते के तहत पहले चरण में लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में 42 दिनों में कुल 33 बंदियों को रिहा किया जाएगा. फिलहाल हमास ने तीन इजरायली लड़कियों को 471 दिन बाद अपने चंगुल से आजाद किया है.

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हमास की कैद से आजाद हुईं 3 लड़कियां (फोटो-IDF) हमास की कैद से आजाद हुईं 3 लड़कियां (फोटो-IDF)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 2:07 PM IST

471 दिन बाद हमास के कैद से रिहाई हुईं रोमी, डोरोन और इमीली कभी रोती हैं, कभी हंसती हैं, कभी मुस्कुराती है. वे आसानी से अपने भाव को व्यक्त नहीं कर पा रही हैं. 24 साल की रोमी गोनेन, 28 साल की इमीली डामरी और 31 साल की डोरोन अभी इस बात पर ही विश्वास नहीं कर पा रही हैं कि वे तीनों अब आजाद हैं. 

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तीनों लड़कियां अपनी जिंदगी की नई सच्चाई से बावस्ता हो रही हैं, वो सच्चाई जिसे इनका सपने में भी यकीन नहीं था. 

गाजा पट्टी से रिहा होने के तुरंत बाद इन तीनों लड़कियों ने अपनी माताओं से मुलाकात की और गाजा सीमा के पास आईडीएफ द्वारा स्थापित रीइम बेस परिसर में प्रारंभिक चिकित्सा जांच कराई, उसके बाद उन्हें मध्य इजराइल के तेल हाशोमर अस्पताल ले जाया गया, ताकि वे अपने परिवार के बाकी सदस्यों से मिल सकें और अपना इलाज करा सकें. 

जैसे ही इन तीनों को लेकर वैन पहुंची, अस्पताल के बाहर सड़कों पर सैकड़ों लोग हो गए. उनकी आंखें नम थी लेकिन वे नारे लगा रहे थे और इन बहादुर बेटियों का स्वागत कर रहे थे. 

अस्पताल ने उन्हें नए कपड़े, प्रसाधन सामग्री और मेकअप के साामन और विशेष रूप से तैयार भोजन भी उपलब्ध कराया. प्रत्येक को अपना कमरा और अपनी-अपनी सुविधाएं दी गई हैं और उन्हें आवश्यकतानुसार अस्पताल में रखा जाएगा.

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इमीली डामरी 

रिहाई के बाद इन तीनों की तस्वीरों से सोशल मीडिया भर गया. 28 साल की इमीली डामरी की तस्वीर लोगों को रुला गई. उसने अपने हाथों को दिखाते हुए पोज दिए. लेकिन उनके हाथों की 2 उंगलियां गायब थी. 

उनके परिवार के अनुसार, ब्रिटेन-इजरायल की दोहरी नागरिकता रखने वाली ये इस महिला के हाथ को 7 अक्टूबर 2023 को आतंकियों ने  गोलियों से उड़ा दिया. उसे आतंकियों ने किबुत्ज़ कफ़र अज़ा से पकड़ा था. रविवार शाम को अपने परिवार और दोस्तों से पहली बातचीत में उसने 7 अक्टूबर की कहानी बताई और कहा कि उसके घर में घुसे बंदूकधारियों ने उसके कुत्ते को गोली मार दी, और जब वह अपने घायल कुत्ते पर झुकी तो उसे भी गोली मार दी गई. इसके बाद उसे बंधक बना लिया गया. 

हमास के चंगुल से बाहर आने के बाद इमीली डामरी (फोटो- टाइम्स ऑफ इजरायल)

टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार रोमी की मां ने डामरी से कहा, "मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं जिन्होंने इस भयावह घटना के दौरान इमीली के लिए लड़ना कभी बंद नहीं किया, और जिन्होंने उसका नाम लेना कभी बंद नहीं किया. इजरायल, ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया भर में."

"गाजा में इमीली का दुःस्वप्न खत्म हो गया है, लेकिन बहुत से अन्य परिवारों के लिए असंभव प्रतीक्षा जारी है. हर आखिरी बंधक को रिहा किया जाना चाहिए, और उन बंधकों को मानवीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए जो अभी भी घर आने का इंतज़ार कर रहे हैं."

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रोमी गोनेन

आतंकियों के चंगुल से रिहा हुईं रोमी ने एक संदेश जारी कर दुनिया को शुक्रिया कहा, "मैं रोमी हूं, अभी अभी कैद से वापस लौटी हूं आप सभी का धन्यवाद, मुझे अभी तक पता नहीं है कि आपने क्या किया है. मैंने एक छोटा सा हिस्सा देखा है, लेकिन आप सबसे अच्छे हैं, मैं आपकी किसी भी चीज से ज़्यादा सराहना करती हूं और आपको गले लगाती हूं और चूमती हूं, ईश्वर ने चाहा तो हम जल्द ही मिलेंगे." 

हमास ने रोमी गोनेन को डोरोन के साथ रखा था. चैनल 12 के अनुसार उसने एमिली की मां से कहा था, "आप यह नहीं समझती हैं कि आपकी बेटी मेरे लिए इस पूरे समय क्या थी."

24 वर्षीय रोमी गोनेन को दक्षिणी इज़राइल में नोवा संगीत समारोह से अगवा कर लिया गया था.  रिपोर्टों के अनुसार, 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के एक घातक हमले के बाद उसका अपहरण कर लिया गया था. गोनेन की मां मेराव ने अपनी आखिरी फ़ोन बातचीत के बारे में बात की. जब आतंकी समारोह में घुस आए, तो गोनेन ने अपने परिवार को बताया कि वह झाड़ियों में छिपी हुई है. कॉल के दौरान, उसने कहा, "मम्मी, मुझे गोली मार दी गई." गोनेन ने बताया कि वह कैसे घायल हो गई थी और उसे कैसे डर था कि वह बच नहीं पाएगी. उसके आखिरी शब्द, "मम्मी," आने वाली गोलियों की आवाज से दब गए. 

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डोरोन स्टीनब्रेचर

31 वेटनरी नर्स डोरोन स्टीनब्रेचर भी किबुत्ज़ केफ़र अज़ा में रहती थी. वह रोमानिया और इजरायल दोनों की नागरिक है. माना जाता है कि उसने 7 अक्टूबर, 2023 को अपनी मां से संपर्क किया था, जब वह आतंकवादियों से बचने के लिए अपने बिस्तर के नीचे छुप रही थी.

“उन्होंने मुझे पकड़ लिया है!” उसने दोस्तों को एक वॉयस मैसेज में कहा. बाद में उसके रिश्तेदारों ने उसके स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ की, लेकिन तबतक हमास के आतंकी उसे कैद कर चुके थे. इसके बाद वो एक वीडियो में देखी गईं. जिसमें अन्य कैदी भी शामिल थे, जो बीमार और कुपोषित लग रहे थे.

रविवार दोपहर को लगभग 2,000 लोग तेल अवीव के होस्टेज स्क्वायर पर वापस लौटे बंधकों की पहली तस्वीरें प्रसारित होते देखने के लिए एकत्रित हुए. लोगों ने बंधकों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए यूनिटी की प्रतीक पीले रंग के गुब्बारों की एक लड़ी हवा में छोड़ी. 

युद्ध विराम समझौता हमास और इजरायल दोनों को हमास के 7 अक्टूबर के हमले से शुरू हुए युद्ध को रोकने और बाकी बंधकों को मुक्त करने के लिए एक समझौते पर सहमत करने के लिए एक लंबे समय से चल रहे अंतर्राष्ट्रीय प्रयास का नतीजा है. तीन चरण के समझौते के पहले चरण में लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में 42 दिनों में कुल 33 बंदियों को रिहा किया जाएगा. 

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