पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने गुरुवार को भारत के साथ नए तनाव को हवा दे दी. जब उन्होंने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, "कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा." यह सब 'कश्मीर सॉलिडेरिटी डे' मनाने के लिए देश भर में रैलियों और प्रदर्शनों के बीच हुआ. इसके बाद भारत ने भी जवाबी हमला किया और पाकिस्तान की बोलती बंद कर दी.
मुज़फ़्फ़राबाद में असेंबली के सामने बोलते हुए, पाकिस्तानी पीएम ने कश्मीरी लोगों के लिए पाकिस्तान के अटूट समर्थन की बात दोहराई और विवादित इलाके पर इस्लामाबाद के पुराने रुख को फिर से दोहराया.
उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर विवाद का समाधान कश्मीर के लोगों की इच्छाओं का सम्मान करना और UNSC के प्रस्तावों को लागू करना है. मैं पाकिस्तानी लोगों और पाकिस्तानी नेतृत्व की तरफ से कश्मीर में अपने भाइयों के साथ खड़ा होने आया हूं."
'समानता और न्याय...'
शहबाज़ शरीफ ने कहा, "कश्मीर के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता उसके बनने के वक्त से ही शामिल है. देश के फाउंडर एम ए जिन्ना ने इस इलाके को पाकिस्तान की 'लाइफलाइन' बताया था. यह हमारी फॉरेन पॉलिसी का आधार बना हुआ है."
प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान इस इलाके में शांति चाहता है, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि यह 'समानता और न्याय' पर आधारित होनी चाहिए. हम शांति चाहते हैं, लेकिन यह शांति बराबरी और इंसाफ के आधार पर ही स्थापित की जा सकती है."
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'कश्मीर हमेशा भारत का हिस्सा...'
भारत ने इस इलाके पर पाकिस्तान के दावों को लगातार खारिज किया है. भारत ने कहा कि जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हमेशा भारत का हिस्सा थे, हैं और हमेशा देश का अभिन्न अंग रहेंगे.
नई दिल्ली ने बार-बार इस्लामाबाद पर बॉर्डर पार आतंकवाद को बढ़ावा देने और उसके आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया है.
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